राजधानी देहरादून में अपनी दोस्त की बर्थडे पार्टी में शामिल होने निकली तीन छात्राओं समेत सात नाबालिग दो दिन से गायब हैं।
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इनमें से छह श्री गुरु रामराय (एसजीआरआर) स्कूल बांबेबाग में नवीं-दसवीं के छात्र हैं, जबकि एक पढ़ाई छोड़ चुका है। दो की मोटरसाइकिल और स्कूटी दून रेलवे स्टेशन की पार्किंग से बरामद की जा चुकी है।
नाबालिगों में से तीन के पास मोबाइल फोन हैं, जिनकी आखिरी लोकेशन हरिद्वार स्टेशन पर मिली थी। उधर, परिजनों ने दो दिन बाद बच्चों की गुमशुदगी दर्ज कराई है।
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पुलिस कॉल डिटेल के जरिये सुराग की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि 14 अक्तूबर को एक छात्रा का जन्मदिन था। दोस्तों को पार्टी देने के लिए वह घर से 300 रुपए लेकर निकली थी। लेकिन देर शाम तक नहीं लौटी।
हरिद्वार में ढाबे, आश्रम, धर्मशालाओं को खंगाला
परिजनों ने उसकी तलाश की, सहेलियों से भी जानकारी ली, लेकिन कुछ पता नहीं चला। परिजनों को जानकारी मिली कि उसकी दो अन्य सहेलियां और चार दोस्त भी गायब हैं।
15 अक्तूबर को एक छात्र के परिजनों को हरिद्वार निवासी परिचित का फोन आया। उसने छात्र को दोस्तों संग स्टेशन पर देखने की बात बताई।
इसके बाद पटेलनगर क्षेत्र में रहने वाले पांच बच्चों के परिजन तुरंत हरिद्वार पहुंचे। वहां ढाबे, आश्रम, धर्मशालाएं खंगालने के बाद परिजन गुरुवार दोपहर कोतवाली पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी।
इसके बाद पांच की गुमशुदगी पटेलनगर थाने, एक की लक्खीबाग चौकी और एक की बसंत विहार की इंदिरा कॉलोनी चौकी में दर्ज कराई गई।
देहरादून पुलिस के फूले हाथ-पैर सात नाबालिगों के एक साथ गायब होने से पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। बताया जा रहा है कि सातों छात्र-छात्राओं में से तीन के पास मोबाइल हैं, लेकिन तीनों अभी बंद हैं। एसएसआई नत्थीलाल उनियाल ने बताया कि एक पुलिस टीम हरिद्वार भेजी गई है।
हरिद्वार में कही एग्जाम की बात
हरिद्वार स्टेशन पर जब एक छात्र के परिचित ने उसे देखा तो माता-पिता के बिना आने की वजह पूछी थी। परिजनों के मुताबिक तब छात्र ने हरिद्वार में कोई एग्जाम होने का बहाना बनाया।
साथ गए बाकी छात्र-छात्राओं ने भी उसकी हां में हां मिलाई। इसके बाद सभी कहीं चले गए। हालांकि, शक होने पर परिचित ने तुरंत परिजनों को कॉल कर दी थी।
सबका अलग-अलग बहाना गायब हुए दो छात्रों के पिता सेना में हैं, जबकि बाकी के प्राइवेट जॉब करते हैं। दो छात्राओं के परिजनों के मुताबिक बेटियां सहेली के जन्मदिन में जाने के कारण देर से आने की बात कहकर गई थीं।
एक छात्र ने स्कूटी की सर्विस, दूसरे ने स्पोर्ट्स ट्रेनिंग कैंप और तीसरे ने दोस्त से मिलने जाने का बहाना बनाया था।
फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट गायब हुई एक छात्रा का फेसबुक पर एकाउंट है। लापता होने के बाद वह कुछ देर के लिए ऑनलाइन आई थी। परिजनों ने अलग-अलग आईडी से उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी है, लेकिन अभी इन्हें कन्फर्म नहीं किया गया है।
अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा किसी परेशानी में न फसे तो आपको इन बातों पर ध्यान देना होगा। - अपने ही बच्चे पर कड़ी निगरानी रखें। बच्चों पर इस बात की नजर रखें कि पढ़ाई के अलावा वह और किन चीजों में बीजी रहते हैं।
- माता-पिता होने के अलावा बच्चों को दोस्त होने का एहसास भी दिलाएं। इससे बच्चा आपसे हर बात शेयर करेगा और आपको साथ उसे कंफर्ट जोन मिलेगा।
- नाबालिग बच्चों को बाहर की दुनिया बेहद खूबसूरत नजर आती है और उसके बारे में जानने तथा उस जीवन को जीने की ललक उन्हें अक्सर अपने लक्ष्य से भटका देती है, सो बेटी हो या बेटा उनकी बेहतरी के लिए उनकी हर बात, हर हरकत तथा उनके हर काम पर नजर रखनी बेहद जरूरी है।
- आपके बच्चे कब और कहां जाते हैं, उनका हाव-भाव कैसा है, कम्प्यूटर पर नैट सर्फिंग के दौरान वे लोग क्या-क्या सर्च करते हैं तथा उनके ऑनलाइन फ्रैंड्स किस तरह के हैं इसकी जांच करें।
- यही नहीं मोबाइल पर उनकी चैटिंग एवं फोटो एक्सचेंज की लिस्ट इत्यादि भी चैक करें। कभी-कभी बच्चों के फ्रैंड्स, टीचर्स एवं पड़ोसियों से मिलें।
- बच्चे स्कूल में, खेल के मैदान में, ट्यूशन के दौरान या घर के बाहर होने के दौरान क्या-क्या करते हैं, यह जानना मां-बाप के लिए बड़ी चुनौती है।