देहरादून पुलिस ने यौन उत्पीड़न से संबंधित केस की परतें तो उघाड़ी लेकिन एक बात गले नहीं उतर रही है।
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यदि संयुक्त सचिव सुमन सिंह वल्दिया ने जेपी जोशी का प्रमोशन रोकने केलिए वीडियो फिल्म बनवाई थी तो इसका फायदा किसे होता।
वल्दिया जोशी से काफी जूनियर है
जेपी जोशी की पदोन्नति रुकने का फायदा वल्दिया को इसलिए भी नहीं होता क्योंकि वल्दिया जोशी से काफी जूनियर है और पिछले वर्ष ही डिप्टी से संयुक्त सचिव बने और उनसे वरिष्ठ कई संयुक्त सचिव है। ऐसा भी हो सकता है कि जोशी के साथ वल्दिया की कोई पुरानी अदावत हो।
कहानी में झोल है। पुलिस के पास भी इस बात का कोई जवाब नहीं है कि यदि जोशी की पदोन्नति रोकने के लिए यह वीडियो वल्दिया ने तैयार किया तो इसका फायदा किसे होना था।
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क्योंकि यदि जोशी की पदोन्नति पर इस प्रकरण को लेकर रोक भी लग जाती तो भी वल्दिया से वरिष्ठ तीन संयुक्त सचिव हैं, उनमें से किसी को फायदा मिलता। बस यही कहानी किसी के गले नहीं उतर रही है।
ऐसे में यह भी हो सकता है कि वल्दिया व जोशी के बीच कोई पुरानी अदावत हो। जिसके चलते वल्दिया ने यह काम किया।
जोशी की जमानत याचिका पर सुनवाई फिर टली
यौन शोषण प्रकरण में अपर सचिव जेपी जोशी की जमानत याचिका पर सुनवाई फिर टल गई है। जिला जज की अदालत में सुनवाई अब शुक्रवार को होगी।
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गुरुवार को अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने पर मामले में अगली तारीख लगा दी गई। इस मामले में दो बार पहले भी सुनवाई टल चुकी है। गुरुवार अधिवक्ता वेद प्रकाश वर्मा के निधन के चलते अधिवक्ता कार्य से विरत रहे।