पुलिस की प्राथमिक छानबीन में मालूम चला है कि कारोबारी जयसिंह अपनी करोड़ों की संपत्ति के बंटवारे की तैयारी में थे। बेटे हरमीत सिंह को 25 लाख रुपये का फ्लैट और गोद ली बेटी को अलग से हिस्सेदारी तय करने का तानाबाना बुना था। हरमीत को इसकी भनक लग चुकी थी। शायद इसी बात की रंजिश में उसने अपनों के खून से होली खेल ली।
सूत्र बताते हैं कि कारोबारी जयसिंह के पास करोड़ों की संपत्ति है। कोठी के अलावा शहर में उनके कई प्लाट भी बताए जाते हैं। जयसिंह अपने जीते संपत्ति का बंटवारा करना चाहते थे। हालांकि, चर्चाएं तो काफी दिनों से थी, लेकिन बेटी हरजीत सिंह के मायके आने के बाद मामला अंतिम चरण में पहुंच गया था।
पिता जयसिंह की योजना बेटे हरमीत का 25 लाख रुपये का फ्लैट दिलाकर घर बसाने की थी। बताया जा रहा है कि दिवाली के बाद जयसिंह संपत्ति बांट सकते थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हरमीत को पिता की यही बात खटक रही थी।
उसे लग रहा था कि उसकी संपत्ति पर सौतेली बहन डाका डाल रही है। परिवार में वह अपनी बात को खुलकर कह नहीं पाया और नफरत पाल बैठा। घृणा इतनी बढ़ा ली की पूरे परिवार को बेरहमी से मार डाला।
सातवीं फेल है हरमीत सिंह
आर्थिक रूप से संपन्न होते हुए भी जयसिंह के घर का चिराग सातवीं भी पास नहीं कर पाया है। वह अच्छी पढ़ाई कर सके इसके लिए परिजनों ने काफी प्रयास किया, लेकिन उसकी शिक्षा आगे नहीं बढ़ सकी। खुले हाथ से खर्चा मिलने के कारण वह नशे के जाल में फंसता चला गया। बताते हैं कि शराब पीने के अलावा वह दूसरे तरह के नशे भी करता है।
क्यों नहीं सुन पाए एक दूसरे की चीख?
हरमीत सिंह ने जिस तरह से पिता जयसिंह, मां और बहन को मारा है उससे यह सवाल उठ रहा है कि परिवार में किसी को एक दूसरे की चीख सुनाई क्यों नहीं दी? घटनास्थल को देखने से लगता है कि हरमीत ने सबसे पहले पिता पर वार किया। ऐसा लगता है कि उस समय वह बाथरूम गए थे। हरमीत ने जयसिंह पर कई वार किए हैं। ऐसे में उनकी चीख परिवार के अन्य सदस्य कैसे नहीं सुन पाए? यह भी हो सकता है कि हरमीत ने पहले ही सबको बेहोश कर दिया हो? लेकिन यदि ऐसा है तो मां को मारते समय वह उससे संघर्ष कैसे करती? कम से पिता और मां से तो आरोपी का संघर्ष हुआ है।
देर रात पीएम, सुबह अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम स्थल पर शुक्रवार को दस शव परीक्षण के लिए रखे गए थे। तीसरे पहर पूरी प्रक्रिया के बाद कारोबारी परिवार के चारों शवों को लाया गया था। रात में जिलाधिकारी से अनुमति के बाद उनके शवों का पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस के मुताबिक शवों का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह किया जाएगा।