उत्तरकाशी की लाल घाटी में बुधवार रात सिपाही अनंत यादव की शहादत की घटना ने देहरादून एसएसपी डा. सदानंद दाते को 22 फरवरी 2012 की उस काली रात की याद को ताजा कर दिया, जिसमें उनपर और उनके साथियों की जान पर बन आई थी।
वन्य जीव तस्करों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बदमाश-बदमाश का हल्ला मचा दिया। इससे बारातियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। अतिरिक्त पुलिस बल के आने तक उन्हें कई घंटे झाड़ियों के बीच गुजारने पड़े थे।
उत्तरकाशी के चिन्याली सौड़, चोपडाली, दिखोली और चौंदियाट गांव का इलाका वन्य जीव और चरस आदि की तस्करी के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। राजस्व पुलिस के इस इलाके में सिविल पुलिस की कामयाबी का ग्राफ बेहद नीचे था। एसटीएफ सिपाही अनंत यादव की हत्या ने पुलिस विभाग को झकझोर दिया है।