भूमि का जबरन बैनामा करने के लिए भूमि स्वामी पर दबाव बना रहे कुख्यात सुनील राठी के दो गुर्गों को एसओजी व ज्वालापुर पुलिस ने धर दबोचा। जबकि फरार चल रहे मुख्य आरोपी कबाड़ी की धरपकड़ जारी है।
ज्वालापुर के मोहल्ला मेहतान के रहने वाले गुरफान अहमद पुत्र हसीनुद्दीन का नलकूप की बोरिंग का काम है। उनका एक भूखंड को लेकर पेशे से कबाड़ी जुबैर अहमद पुत्र नूर मोहम्मद निवासी मोहल्ला मैदानियान से विवाद चला आ रहा है।
निचली अदालत से जुबैर ने हार जाने के बाद उच्च न्यायालय की शरण ली हुई है और वो ही संपत्ति पर काबिज है। आरोप है कि 22 फरवरी को गुरफान अहमद के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। कॉल कर रहे शख्स ने कहा कि वो सुनील राठी बोल रहा है और जेल में आकर मुलाकात करो।
एक मार्च को गुरफान अहमद जब हरिद्वार जेल में कुख्यात सुनील राठी से मुलाकात करने पहुंचा तब उसकी मुलाकात बाहर ही ऋषभ पुत्र स्वर्गीय ताराचंद निवासी मोहल्ला शेखुपुरा कनखल और राहुल पुत्र रामेश्वर निवासी पाण्डेयवाला, धीरवाली ज्वालापुर से हुई। वे ही पर्ची बनवाकर उसके साथ अंदर गए और फिर राठी से मुलाकात कराई।
परिवार समेत मारने की दी थी धमकी
आरोप है कि कुख्यात राठी ने धमकाया कि जुबैर ने उसे 25 लाख की रकम दी है और वो विवादित संपत्ति का बैनामा जुबैर के नाम कर दे। वरना, उसकी एवं उसके परिवार के सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी जाएगी।
जुरफान का आरोप है कि चार मार्च को ऋषभ और राहुल ने उसे डराया धमकाया कि जैसे कहा है वैसा करो अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतना होगा। फिर शाम को घर पहुंचकर एक बार फिर से डराया धमकाया।
उसने सीधे आईजी संजय गुंज्याल से संपर्क साधा तब हरिद्वार पुलिस हरकत में आई। एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि ऋषभ व राहुल की गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि जुबैर अभी पकड़ से बाहर है।