एसटीएफ और सहसपुर पुलिस ने सल्लू सांप की पांच किलो हड्डी और खाल के साथ वार्ड मेंबर को गिरफ्तार किया है।
विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सल्लू सांप की खाल और हड्डियों को तस्करी कर सहारनपुर से विकासनगर लाया जा रहा है।
पुलिस ने दर्रारेट पर बैरियर लगाकर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। रविवार सुबह दस बजे पुलिस को कार आती दिखाई दी। रुकने का इशारा करने पर चालक ने वाहन भगा दिया। पुलिस ने घेराबंदी कर कुछ आगे कार को रोक लिया।
तलाशी लेने पर कार में सल्लू सांप की हड्डी और खाल मिली। कार की नंबर प्लेट फर्जी मिली। आरोपी की पहचान तरवेज उर्फ तरसेन पुत्र हसनदीन निवासी डुमेट विकासनगर के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया सल्लू सांप की डिमांड नेपाल में बहुत ज्यादा है।
इसका इस्तेमाल सौंदर्य प्रसाधन सामग्री में किया जाता है। एक सांप की अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत दो से तीन लाख है। एसटीएफ इंचार्ज अमर सिंह शर्मा ने बताया तस्करी में अन्य लोगों की संलिप्तता भी प्रकाश में आई है। उनकी भी खोजबीन की जा रही है।
टीम में एसआई संतोष शाह, सत्येंद्र कुमार बुटोला, धर्मावाला चौकी इंचार्ज अरविंद सिंह, अबल सिंह, अनिल बिंजोला शामिल रहे।
बढ़ रही तस्करों, शिकारियों की सक्रियता
क्षेत्र में तस्करों और शिकारियों की सक्रियता बढ़ती जा रही है। यही कारण है क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में जंगल में गश्त के दौरान बंदूक मिलने और अब तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं।
पछवादून के जंगलों का ज्यादातर क्षेत्र चकराता और कालसी वन प्रभाग अंतर्गत आता है। इनमें गुलदार के साथ ही जंगली सुअर, काकड़, घुरड़, भालू आदि पाए जाते हैं। इसी के साथ क्षेत्र के जंगलों में बेशकीमती जड़ीबूटियां भी पाई जाती हैं। इनकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत खासी ज्यादा है।
यूपी और हिमाचल की सीमा से सटा होने के कारण इलाके से पशु अंग और जड़ीबूटियां बाहर भेजी जानी आसान हैं। ऐसे में क्षेत्र में तस्करों और शिकारियों की संख्या बढ़ती जा रही है।