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शेरवुड में शान की मौत मामले में बड़ा खुलासा

Fri, 12 Dec 2014 12:57 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, नैनीताल
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नैनीताल के शेरवुड कॉलेज के छात्र शान प्रजापति की मौत के लिए उसके सहपाठी ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं।
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सहपाठी ने प्रेसवार्ता में नौ से 13 नवंबर तक शेरवुड प्रबंधन की ओर से इलाज में बरती गई लापरवाही का सनसनीखेज खुलासा किया है।

मल्लीताल स्थित निजी होटल में गुरुवार को शान की मां नीना श्रेष्ठ और अन्य लोगों की मौजूदगी में शेरवुड के छात्र ने मीडिया को बताया कि नौ नवंबर की सुबह से शान की तबीयत बिगड़ गई थी।

उसे सीने में दर्द था और सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इनफॉर्मरी में तीन दिन तक उसे सिर्फ फ्लेक्सॉन दी गई। 11 नवंबर की रात उसे खून की उल्टी हुई।

12 को उसने नर्स से घर भेजने का अनुरोध किया, पर नर्स ने प्रधानाचार्य अमनदीप संधू का हवाला देते हुए कहा कि शान परीक्षा नजदीक होने के कारण नाटक कर रहा है। उसी दिन उसे इनफॉर्मरी में भर्ती किया गया।
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नीला होने लगा था शान का शरीर

13 नवंबर की सुबह उसे बांबे अस्पताल ले जाने को कहा गया। उसके साथ चार अन्य छात्र भी के लिए हल्द्वानी गए। वह भी शान के साथ था।

हल्द्वानी पहुंचने तक शान का शरीर नीला होने लगा था। वार्ता के दौरान नीना श्रेष्ठ ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के बाद न्याय होना चाहिए। नेपाल राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी प्रमुख और शेरवुड के पूर्व छात्र उज्ज्वल विक्रम थापा ने दावा किया कि छात्र ने यही बयान अदालत के समक्ष भी दर्ज कराए।

उनका कहना है कि पुलिस, मजिस्ट्रेटी जांच और न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। शेरवुड के पूर्व छात्र उज्ज्वल विक्रम थापा का कहना है कि अब तक प्रबंधन की ओर से न ही शान की मां को कोई फोन किया गया और न ही चिट्ठी लिखी गई है।

इस दौरान यशस्वी श्रेष्ठ, बबीता झुनझुनवाला, अनुराग कंसल, पवन ढैला, विपुल शर्मा आदि भी मौजूद थे।
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...शान सुबह तक नहीं बचेगा

शान के दोस्त ने यह भी बताया कि शान को आईसीयू में भर्ती करने के बाद उसने पास में दो डाक्टरों को बात करते हुए सुना कि शान कल सुबह तक नहीं बचेगा। ऐसे में उसे तत्काल दिल्ली रेफर करो। यदि यहां मौत हुई तो अस्पताल की बदनामी होगी।

...किसी को मत बताना
शान के दोस्त का यह भी कहना है कि शान की मौत के कुछ दिन बाद प्रधानाचार्य श्री संधू ने उसे बुलाकर पूछा कि उस रोज तुम शान के साथ थे।

हां, कहने पर उन्होंने कहा किसी को कुछ मत बताना। तुम्हारे 10वीं और 12वीं के एग्जाम ‘मैं देख लूंगा।’ 20 नवंबर को उन्होंने मुझे घर भेज दिया और मेरी परीक्षा भी ऑनलाइन ली गई।
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