जिस्मफरोशी के धंधे में धकेलने और दुष्कर्म के आरोप में फंसे सेक्स रैकेट संचालक रॉबर्ट डेविड के नाम से मीडिया को पत्र भेजकर सफाई पेश की गई है।
रैकेट संचालक ने एक सीडी का हवाला देते हुए एक महिला और पुरुष पर दस लाख रुपये की ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है। देहरादून की एक अदालत में पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल चले गए सेक्स रैकेट संचालक रॉबर्ट की ओर से भेजा गया पत्र शुक्रवार को मीडिया को मिला।
आरोपों को बताया बेबुनियाद
पत्र में रॉबर्ट ने अपने ऊपर लगे आरोप को बेबुनियाद बताया है। साथ ही एक महिला व एक पुरुष पर ब्लैकमेलिंग कर दस लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है।
उसने मोबाइल फोन पर हुई बातचीत की रिकार्डिंग भेजकर ये दावा किया है। सेक्स रैकेट संचालक ने इसे एक साजिश बताते हुए कई पुलिसकर्मियों के भी शामिल होने की बात कही है।
क्या था पूरा मामला
27 दिसंबर को शहर कोतवाली पुलिस ने दिल्ली के युवक पीयूष गोस्वामी की शिकायत पर कार्रवाई कर बिहार के पटना की एक महिला को मुक्त कराया। महिला ने पुलिस के समक्ष ज्वालापुर की एक कालोनी में किराए पर रह रहे सेक्स रैकेट संचालक रॉबर्ट डेविड और उसकी पत्नी पर जबरन जिस्मफरोशी कराने व दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।
इस दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ी दिल्ली और नोएडा की दो कॉलगर्ल्स भी जिस्मफरोशी के आरोप में जेल गई। इसके बाद बीते रोज रैकेट संचालक रॉबर्ट और उसकी मां ने देहरादून में आत्मसर्मपण कर दिया, जबकि रॉबर्ट की पत्नी अब भी फरार है।