मानव तस्करी निरोधक दस्ते ने हरिद्वार की खन्ना नगर कॉलोनी से सटे होटल में छापा मारकर जिस्मफरोशी के धंधे का भंडाफोड़ किया।
हरिद्वार, जिस्मफरोशी के धंधे का खुलासा पूर्व में भी कई बार हो चुका है। मानव तस्करी निरोधक दस्ते ने कनखल, हरिद्वार एवं रानीपुर में कई प्रकरण का पर्दाफाश किया है। पर, ये धंधा बखूबी पनप रहा है।
जिस्मफरोशी के लिए लाई गई कलकत्ता की युवती को बरामद कर दो दलाल दबोच लिए गए हैं। इस संबंध में ज्वालापुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। दस्ते के एसआई राकेश भट्ट ने बताया कि बुधवार देर रात करीब बारह बजे मुखबिर की सूचना पर होटल के कमरा नंबर 204 में छापा मारा।
काफी खटखटाने के बाद दरवाजा खोला गया। अंदर एक युवती एक कोने में सहमी हुई मिली जबकि दो व्यक्ति मौजूद थे। कमरे की तलाशी लेने पर आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुए। कोतवाली लाकर की गई पूछताछ में युवती ने बताया कि वो कलकत्ता के गोबरढाबा हांवडा की रहने वाली है।
जिस्मफरोशी के लिए ही उसे यहां लाया गया था। एसआई के अनुसार आरोपियों ने अपने नाम रमेश चंद्र पुत्र सीआर शर्मा निवासी आरके पुरम दिल्ली रोड, टीपी नगर मेरठ यूपी एवं मनीष शर्मा पुत्र विनोद शर्मा निवासी गोपाल धाम जगजीतपुर कनखल बताए।
देह व्यापार एक्ट के तहत मामला दर्ज
बताया कि मनीष पेशे से इलेक्ट्रीशियन है और उसका परितिच अधेड उम्र का रमेश भी बिजली विभाग में ठेकेदार है। आरोपियों के खिलाफ देह व्यापार एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
हालांकि, दलालों ने अपना पक्ष रख कि उन्हें होटल मैनेजर ने युवती से मिलवाया था। वो उसे नहीं जानते है। एक घंटे साथ बीताने के साढ़े तीन हजार रुपए देना तय हुए थे।
युवती रही खामोश
हरिद्वार, देर रात से सुबह तक चली पूछताछ में पुलिस जिस्मफरोशी के धंधे में उतरी युवती से कुछ खास उगलवा नहीं पाई। युवती का कहना था कि वो कल ही यहां आई थी। क्यूं आई। इस सवाल का जवाब नहीं दिया। करीब 22 वर्षीय युवती ने अपने परिवार के संबंध में भी कुछ नहीं बताया।
बस इतना बोला कि ये उसे कल प्रेमनगर आश्रम के पास मिले थे। फिर अपने साथ होटल ले गए। दस्ते के एसआई राकेश भट्ट ने बताया कि युवती ने कुछ नहीं बताया। बस खामोश बैठी रही। उसका पिता क्या करता है। वो कितनी पढ़ी लिखी है। इन सब सवाल का जवाब नहीं दिया।