किशोरी के अपहरण और दुराचार के दोषी को एडीजे (सप्तम) की अदालत ने सात साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई। दोषी पर अलग-अलग धाराओं में 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि में से 10 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे।
कोतवाली पटेलनगर में 2012 में क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी पुत्री के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पीड़ित किशोरी को 23 जुलाई को आईएसबीटी से बरामद किया। किशोरी से पूछताछ के बाद पुलिस ने दुराचार की धारा बढ़ाते हुए सलमान और एक नाबालिग लड़के को गिरफ्तार किया।
पीड़िता ने दी गवाही
अदालत में गवाही के दौरान पीड़िता ने बताया कि सलमान और उसके साथी ने उसे धोखे से घर के बाहर बुलाया। वहां से कार में बैठाकर उसे सहारनपुर ले गए। जहां सलमान ने उसे और छोटे भाई को जान से मारने की धमकी देकर पीड़िता से कई दिन तक दुराचार किया।
पुलिस की दबिश पड़ने पर आरोपी उसे आईएसबीटी पर छोड़कर फरार हो गए। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज शर्मा ने अदालत में पैरवी की। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोष साबित होने पर सजा सुनाई।