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इस डकैत फैमिली के लिए लकी है उत्तराखंड

Fri, 07 Nov 2014 02:05 PM IST
ओमप्रकाश सती / अमर उजाला, हल्द्वानी
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इस डकैत फैमिली के लिए उत्तराखंड प्रदेश हमेशा लकी साबित हुआ है। यही कारण है कि इन डकैतों ने उत्तराखंड में वारदात न करने की कसम खाई है।
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आंध्र प्रदेश से अलग हुए राज्य तेलंगाना के एक डकैत जसवंत उर्फ जस्सा और उसके गैंग को उत्तराखंड एसटीएफ ने खटीमा (ऊधमसिंह नगर) के बानूसी गांव से गिरफ्तार किया है।

डकैत जसवंत उर्फ जस्सा और उसकी गैंग ने उत्तराखंड में वारदात न करने की कसम खाई है, क्योंकि उत्तराखंड को वे अपने लिए शुभ मानकर हर वारदात के बाद कुमाऊं में ही छिपते थे।
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खूंखर डकैत जस्सा ने करीब 6 साल पहले अपनी गैंग बनाई थी। पकड़ में आने के बाद जस्सा ने एसटीएफ को बताया कि अब वे उत्तराखंड के बाहर के बड़े ज्वैलरों को निशाना बनाते थे।

वारदात के तीन-चार दिन के भीतर वे कुमाऊं के विभिन्न क्षेत्रों में आकर छिप जाते थे। उसके बताए ठिकानों पर अन्य डकैतों की तलाश की जा रही है।

मशहूर ज्वेलथीफ के संपर्क में आकर बना डकैत

एसटीएफ इंस्पेक्टर योगेश चंद्र के अनुसार मशहूर ज्वेलथीफ अंग्रेज सिंह के साथ काम करने वाले जस्सा ने 2006 में उसकी मौत के बाद अपना गैंग बनाया, जिसमें अपने पिता जगतार, भाई वीरू, सतनाम, बिट्टू और मंगत को शामिल किया।

तब से अब तक इस गैंग ने उत्तराखंड में कोई वारदात नहीं की। वे अन्य प्रदेशों में बड़े-बड़े ज्वैलरों को लूटते और यहां आकर छिप जाते। ये लोग लूट का सोना-चांदी भी उत्तराखंड से बाहर के ही प्रदेशों में बेचते हैं।

करीब 10 साल पहले देहरादून स्थित झब्बालाल ज्वैलर्स ये यहां पड़ी करोड़ों की डकैती इस गैंग के सदस्यों की उत्तराखंड में आखिरी डकैती थी।

ये गैंग उत्तराखंड का एकमात्र गैंग है जो दूसरे राज्यों में इतनी बड़ी वारदातें कर रहा था। एसटीएफ के अनुसार जस्सा अंग्रेज सिंह को रुड़की जेल से भगाने और पुलिसकर्मियों की राइफलें लूटने में सात साल जेल काट चुका है।

एक माह से खटीमा में छिपा था जस्सा

आंध्र प्रदेश से अलग हुए राज्य तेलंगाना के एक डकैत को उत्तराखंड एसटीएफ ने बुधवार रात खटीमा (ऊधमसिंह नगर) के बानूसी गांव से गिरफ्तार किया है।

वह मूल रूप से तेलंगाना का ही रहने वाला है और डकैती के बाद करीब एक माह से गांव में छिपा था। इस डकैती में शामिल उसके पिता और भाई सहित 6 अन्य आरोपियों की तलाश में भी दबिशें दी जा रही हैं। पकड़े गए आरोपी को तेलंगाना पुलिस वारंट बी पर ले जाने की तैयारी कर रही है।

एसटीएफ इंस्पेक्टर योगेश चंद्र के अनुसार सूचना मिली कि सितंबर में तेलंगाना में डकैती डालने वाला गिरोह उत्तराखंड का है, जिसके आधार पर लगातार यहां के पुराने बदमाशों पर नजर रखी गई।

इसी दौरान, बानूसी झनकट, खटीमा (ऊधमसिंह नगर) निवासी जसवंत उर्फ जस्सा और उसके साथियों के बारे में जानकारी मिली।
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कई राज्यों में दर्ज है दर्जनों मुकदमे

जांच के दौरान इनके ही डकैती में शामिल होने की पुष्टि हुई। जसवंत की लोकेशन गांव में मिलने पर उसे बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया गया।

उसने बताया कि डकैती में उसके पिता जगतार, भाई वीरू, दिल्ली निवासी बिट्टू, सितारगंज निवासी सतनाम और लखीमपुर  निवासी मंगत भी शामिल थे।

उनके भी खटीमा और आसपास होने की सूचना पर लगातार दबिशें दी जा ही हैं। जस्सा और उसके साथियों पर उत्तराखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, यूपी, एमपी, हरियाणा और दिल्ली में दर्जनों मुकदमे हैं।

जस्सा को पकड़ने वाली टीम में एसआई अमर शर्मा, संजय मिश्रा, कांस्टेबल आशीष शर्मा, महेंद्र सिंह, वेद प्रकाश, महेंद्र डंगवाल शामिल थे। एसएसपी एसटीएफ सेंथिल अबुदेई ने टीम को ढाई हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
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