आरडीपीएल कंपनी देहरादून के 242 से ज्यादा लोगों का 50 लाख रुपये अधिक पैसा लेकर फुर्र हो गई है। कंपनी ने इन लोगों को रकम को दोगुना करने का झांसा दिया था।
जब लोग अपना पैसा निकालने कंपनी के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। मामले में पीड़ितों ने सीबीआई, एसएसपी और मुख्य सचिव को लिखित शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। कंपनी के एडवाइजर को छोड़कर बाकी सभी पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर बंद चल रहे हैं।
आरडीपीएल लैंडमार्क एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी ने देश के 12 राज्यों में अपनी शाखाएं खोली हुई थीं। इसमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, पश्चिमी बंगाल, उत्तराखंड, उड़ीसा, झारखंड और गुजरात के नाम शामिल हैं। देहरादून में इसकी ब्रांच ट्रांसपोर्ट नगर स्थित संधू सेंटर में थी।
यहां 300 से ज्यादा लोगों ने सेविंग अकाउंट खोले थे। इनमें हर महीने पैसा जमा कराने पर तीन माह, छह माह, नौ माह, 12 माह पर मूलधन की 12 प्रतिशत रकम वापस की जाती थी। बाकी पैसे से प्लॉट खरीदने का लालच दिया जाता था। कई लोगों को कंपनी पैसा दे भी चुकी थी। अचानक कंपनी के कार्यालय पर ताला लटक गया।
लोगों ने पूछताछ की तो कुछ पता नहीं चला। अन्य राज्यों की ब्रांच से संपर्क किया तो वहां भी कार्यालय बंद मिले। कंपनी के अधिकारियों को फोन किया तो उनके नंबर स्विच ऑफ थे। परेशान राम सिंह, उम्मेद सिंह, धर्मपाल सिंह, गोविंद राम, अर्चना ध्यानी, अनिल आदि पीड़ितों ने अब मामले में एसएसपी, सीबीआई और मुख्य सचिव से शिकायत की है।
एडवाइजर ने कहा, करेंगे केस
कंपनी के एडवाइजर और मामले के आरोपी डा. भूषण प्रताप सिंह का मोबाइल नंबर मिलाया गया तो उन्होंने बात की। उन्होंने बताया कि वह कंपनी के एडवाइजर हैं। बताया कि कंपनी के कुछ अधिकारियों के घपले की वजह से कंपनी बंद हो गई है। कंपनी के मालिक का कुछ अता पता नहीं है।
वह पंजाब से लेकर उत्तराखंड तक कंपनी में निवेश करने वाले लोगों की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि कंपनी के सीएमडी का आवास सोनीपत में है। इसके अलावा कंपनी की बिहार, उत्तराखंड, असम और झारखंड में प्रॉपर्टी है। जल्द ही वह मामले में दून पुलिस से आकर मिलेंगे। हमने कंपनी के अधिकारी प्रवीन कुमार रोहिला के मोबाइल नंबर 09599959672 पर कॉल किया तो वह नंबर बंद मिला।