पुलिस ने दुर्लभ प्रजाति के सांप की खरीद फरोख्त करते तीन तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 17.5 लाख की नगदी भी बरामद हुई है। जबकि तीन आरोपी ढाई लाख की नगदी लेकर फरार हो गए।
दो मुंह वाले इस सांप की कीमत लाखों में बताई जा रही है। पुलिस ने सांप को वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों को सौंपते हुए आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया है।
सिविल लाइन कोतवाली में सांप तस्करी का खुलासा करते हुए एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से दो मुंह वाले सांप की 20 लाख रुपये में डील होने की सूचना मिली थी। इस पर एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने कोतवाली प्रभारी वीडी उनियाल के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर जाल बिछाया। बृहस्पतिवार की सुबह गंगनहर पुल के पास सांप बेचने वाले चार तस्कर और दो खरीदार रुपयों के लेनदेन में जुटे थे।
तीन आरोपी ढाई लाख रुपये लेकर हुए फरार
पुलिस ने दबिश देकर तीन आरोपियों को दुर्लभ प्रजाति के सांप व 17.5 लाख की नगदी के साथ गिरफ्तार कर लिया। तीन आरोपी फरार होने में कामयाब रहे। फरार हुए एक आरोपी के पास ढाई लाख की नगदी भी बताई जा रही है।
पूछताछ में सांप बेचने वाले ने अपना नाम असलम पुत्र नसीर निवासी ग्राम जबरदस्तपुर जौरासी रुड़की और खरीदार कुलदीप सिंह पुत्र करतार सिंह निवासी हसनपुर, पलवल हरियाणा और आनंद पुत्र किशन सिंह निवासी ग्राम कृष्णनी रामपुर मनिहारान सहारनपुर बताया।
जबकि फरार होने वाले में आरोपियों में बेचने वालों में शामिल साना उर्फ शाहनजर पुत्र सद्दीक निवासी बढे़डी राजपूतान व खरीदने वालों के साथी अनिल निवासी निवासी हिसार हरियाणा व जोगेंद्र सिंह निवासी बागपत यूपी बताए गए हैं।
एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि सांप का इस्तेमाल तंत्र मंत्र व कैंसर जैसी घातक बीमारियों की दवाओं में किया जाता है। आरोपियों के खिलाफ वन्य जंतु संरक्षण अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है।
हरियाणा से हुआ था सांपों का सौदा
दुर्लभ प्रजाति के सांप को 20 लाख रुपये में खरीदकर हरियाणा भेजा जाना था। पुलिस की मानें तो सांप की तस्करी भी हरियाणा से हुई थी। आरोपी असलम ने बताया कि एक सपेरे ने उसे यह सांप दिया था। वाइल्ड लाइफ से कोतवाली पहुंचे धर्मसिंह ने बताया कि सांप को राजाजी राष्ट्रीय पार्क में छोड़ दिया जाएगा।
टीम में यह थे शामिल
दुर्लभ प्रजाति के सांप सहित तस्करों को रंगे हाथ पकड़ने वाली टीम में उपनिरीक्षक राकेश चंद्र भट्ट, उमेश कुमार, कांस्टेबल रवि पंत, राहुल धानिक, चेतक सिपाही अकबर अली, तेजपाल शामिल रहे। एसएसपी ने पुलिस टीम को शाबाशी दी। खुलासे के दौरान सीओ रुड़की कुलदीप असवाल, कोतवाली प्रभारी बीडी उनियाल, एसएसआई गोविंद कुमार समेत पूरी टीम मौजूद रही।