रणवीर एनकांउटर मामले में सोमवार को दिल्ली की तीस हजारी अदालत द्वारा दोषी पुलिसकर्मियों को दी गई उम्र कैद की सजा का फैसला सुनने के बाद रणवीर के पिता ने कहा कि वह हाईकोर्ट जाएंगे।
उन्होंने कहा कि उम्रकैद की सजा इन दोषियों के लिए काफी कम है। अब वह हाईकोर्ट में अपील करेंगे। उन्होंने अपने बेटे के हत्यारों के खिलाफ फांसी की सजा की अपील की थी।
आपको बता दें कि देहरादून में एमबीए छात्र रणवीर सिंह के फर्जी एनकाउंटर मामले में दोषी ठहराए गए उत्तराखंड के 17 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा व 18वें पुलिसकर्मी को दो साल की सजा सुनाई है।
और सभी पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
CBI ने भी मांगी थी फांसी
सीबीआई ने इनके लिए फांसी की सजा मांगी थी। वहीं, बचाव पक्ष ने सजा में उदारता बरतने का आग्रह किया था।
तीस हजारी अदालत स्थित न्यायाधीश जेपीएस मलिक ने इस फर्जी एनकाउंटर के लिए शुक्रवार को हत्या, अपहरण, षड्यंत्र रचने के आरोप में 1 इंस्पेक्टर, 5 सब इंस्पेक्टर, 11 कांस्टेबल को दोषी ठहराया था।
इनमें से 7 को सीधे अपहरण व हत्या और 10 अन्य को हत्या के उद्देश्य से अपहरण व साजिश के आरोप में दोषी माना गया था। जबकि एक को सबूत मिटाने के लिए दोषी ठहराया गया था।
क्या हुआ उस दिन?
दिल्ली की तीस हजारी स्थित स्पेशल सीबीआई कोर्ट में सोमवार को पेश हुए मामले के अनुसार, शालीमार गार्डन, गाजियाबाद निवासी रणवीर सिंह दोस्त के साथ 2 जुलाई 2009 को घूमने व नौकरी के लिए साक्षात्कार देने देहरादून आया था।
वहां कुछ पुलिस अधिकारियों से उसकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
3 जुलाई 09 को उत्तराखंड पुलिस ने रणवीर को लुटेरा बताकर जंगल में एनकाउंटर में मार गिराया था।
रो पड़े दोषी पुलिसकर्मियों के परिजन
सीबीआई कोर्ट का यह फैसला सुनकर दोषी पुलिसकर्मियों के परिजन रो पड़े। सजा का ऐलान होने के बाद माहौल गमगीन हो गया।
आपको बता दें कि डीजीपी से परिजनों ने आग्रह किया था कि दोषी पुलिसकर्मियों में से पांच सिपाही बेकसूर हैं। उन्हें बाद में एनकाउंटर की लिखा पढ़ी में शामिल किया गया था।
उनका कहना था कि रणबीर के परिजनों को न्याय जरूर मिलना चाहिए, लेकिन उनके साथ हो रही नाइंसाफी पर भी गौर किया जाए।