उत्तराखंड के काशीपुर में एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य के खिलाफ एक शिक्षिका ने छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
अंग्रेजी विषय की शिक्षिका स्कूल में कक्षा 6 से 10वीं तक के बच्चों को पढ़ाती है। स्कूल सूत्रों के मुताबिक यह विवाद लंबे समय से स्कूल में चल रहा था।
जिसकी जानकारी स्टाफ के साथ ही बड़ी कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को भी थी। बाजपुर रोड स्थित केंद्रीय विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका ने चार साल पहले स्कूल ज्वाइन किया था।
बीती दो दिसंबर को शिक्षिका ने एएसपी देवेंद्र पिंचा से मुलाकात कर स्कूल के प्रधानाचार्य वासुदेव ओली पर छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया। शिकायत में कहा गया कि वह बिना वजह अपने कार्यालय में बुला कर छेड़छाड़ करते हैं।
काफी पहले से चल रहा है यह मामला
गुरुवार को आईटीआई चौकी इंचार्ज रमेश तनवार ने स्कूल पहुंच जांच-पड़ताल की। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद आईटीआई चौकी में धारा एसी 354 में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के मुताबिक यह मामला काफी पहले से चल रहा है। शिक्षिका स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के दौरान उनसे यह पूछा करती थी कि अगर पुलिस में मामला गया तो वह किसका साथ देंगे।
बच्चे घर जाकर यह बात जब अभिभावकों को बताते थे तो वह भी असमंजस में पड़ जाते थे।
शिक्षिका के आरोप निराधार
शिक्षिका द्वारा लगाए आरोप निराधार हैं। स्कूल में अन्य शिक्षिकाएं भी पढ़ाती हैं। स्कूल में शिक्षक-शिक्षिकाओं के पठन-पाठन की जांच में अंग्रेजी शिक्षिका के पढ़ाने की शैली संतोषजनक नहीं पाई गई। जिसके कारण शिक्षिका को मेमो जारी किया गया था। इसी बात को लेकर वह लंबे समय से दबाव बना रही थीं। मामला बढ़ने पर बीते नवंबर में उनके खिलाफ को विभागीय पूछताछ के लिए भी लिखा गया है। जिसकी विभाग उच्च स्तरीय जांच करा रहा है।
- बीडी ओली, प्रधानाचार्य
लाडली हत्याकांड : दो सप्ताह में जवाब दे सरकार
नैनीताल हाईकोर्ट ने हल्द्वानी में लाडली का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में प्रदेश सरकार को दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अधिवक्ता चेतन जोशी और अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर लाडली हत्याकांड की सीबीआई जांच करवाने और मामले की हर दिन की प्रगति रिपोर्ट न्यायालय में पेश की मांग की थी।
पक्षों की सुनवाई के बाद खंडपीठ ने मामले की जांच की प्रगति रिपोर्ट को लेकर सरकार को दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए। अगली सुनवाई 14 फरवरी 2015 को होगी।