राजधानी देहरादून के हाईप्रोफाइल युद्घवीर हत्याकांड में असल कहानी उलझती हुई नजर आ रही है। पुलिस के मुताबिक सुधा और हरिओम के अलग-अलग बयान पूरी गुत्थी को उलझा रहे हैं, लेकिन इसे जल्द सुलझा लिया जाएगा।
कृषि मंत्री हरक सिंह रावत के पूर्व पीआरओ युद्धवीर रावत की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए सुधा पटवाल और हरिओम वशिष्ठ के अलग-अलग बयान पुलिस को उलझा रहे हैं।
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ऐसे में पुलिस जल्द ही दोनों को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में आवेदन करने की तैयारी में है। उधर, मेरठ के रहने वाले एक दलाल का नाम भी इस पूरे मामले में सामने आ रहा है। पुलिस टीम उससे पूछताछ करने के लिए जल्द रवाना होगी।
हुई पूछताछ
सुधा और हरिओम से हुई पूछताछ के बाद दोनों के बयानों में अंतर के बाद पुलिस उलझ गई थी। ऐसे में बुधवार को राजपुर एसओ अमरजीत सिंह सुद्धोवाला जेल पहुंचे और सुधा पटवाल से वहां पूछताछ की।
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दोनों के बयान बनेंगे आधार
अब सुधा के नए बयान और हरिओम के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि मामले में मेरठ के एक दलाल का नाम भी आया है।
कौन है ये दलाल
उसका हत्या से लेना-देना नहीं है, लेकिन वह सुधा के साथ मिलकर एडमीशन की दलाली का काम करता था। एसएसपी ने बताया कि उसकी तलाश में टीम मेरठ रवाना हो गई है। उसकी भूमिका की भी जांच की जाएगी।
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संजीव और उमेश की तलाश जारी
मामले में दो आरोपी उमेश और संजीव अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। दोनों पर पश्चिमी यूपी के कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस हरिद्वार और पश्चिमी यूपी के कई क्षेत्रों में दोनों की तलाशी को दबिश दे रही है।