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इन शातिर बदमाशों ने किया पुलिस की नाक में दम

Mon, 23 Sep 2013 09:16 AM IST
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
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राजधानी में अपराधियों द्वारा अंजाम दी गई कई वारदात पुलिस के लिए सिरदर्द बन गए हैं। वर्षों से फरार इन अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस कई बार अभियान चला चुकी है, लेकिन 15 से 18 साल बाद भी वे गिरफ्त में नहीं आ रहे।
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ऐसे एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 28 अपराधी हैं, जिन पर पुलिस एक हजार से दस हजार रुपए तक का इनाम घोषित कर चुकी है। खास बात यह है कि हत्या, लूट, डकैती जैसे संगीन अपराधों को अंजाम देने वाले ये अपराधी यूपी, बिहार, हरियाणा के रहने वाले हैं।

10 हजार का इनाम घोषित
शहर कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2002 में डकैती की घटना को अंजाम देने वाला हुसैनगंज फतेहपुर, यूपी निवासी विद्दन पुत्र सोरी पर सात फरवरी 2003 को डीआईजी गढ़वाल रेंज ने 10 हजार का इनाम घोषित किया। विद्दन अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
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लाजपतनगर नई दिल्ली के रहने वाले जसविंदर मारवाह उर्फ राजू को पुलिस 18 साल से तलाश रही है। जसविंदर पर शादी के लिए एक नाबालिग लड़की के अपहरण का आरोप है। लंबे समय तक भी पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई, जिसके बाद डीआईजी गढ़वाल ने उस पर 5000 रुपए का इनाम घोषित किया।

हत्या का षड्यंत्र रचने का अभियुक्त
दिलशाद गार्डन दिल्ली निवासी सतीश गुलाटी वर्ष 2010 में हत्या और हत्या का षड्यंत्र रचने का अभियुक्त है। तीन साल से पुलिस उसे तलाश रही है, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ रहा। नेहरू कालोनी थाने में उस पर धारा 302 और 120 बी का मुकदमा दर्ज है। सतीश पर एक हजार का इनाम घोषित है।

तीन महिला अपराधी भी फरार
कई साल से फरार चल रही तीन महिला अपराधी भी दून पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं। दून के सैकड़ों लोगों को लाखों रुपये की चपत लगाने वाली दस हजार रुपए की इनामी वसंत विहार निवासी ऋचा द्विवेदी वर्ष 1999 से फरार है। इसके अलावा किशननगर चौक निवासी नविता बस्सी और नई दिल्ली की हरविंदर कौर उर्फ हन्नी वर्ष 2008 से पुलिस रिकार्ड में धोखाधड़ी के आरोप में फरार घोषित हैं।

पुलिस से तेज अपराधियों के सूत्र
पुलिस वर्षों से फरार इन अपराधियों की तलाश में कई बार यूपी, बिहार, दिल्ली आदि प्रदेशों में दबिश भी दे चुकी है। लेकिन हर बार ये अपराधी पुलिस के पहुंचने से पहले ही भाग निकले।
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