मोबाइल फोन पर अकसर ‘इस रूट की लाइनें व्यस्त हैं...’ का संदेश कॉल करने वाले को सुनाई देता है। लेकिन, अगर ऐसी हालत अपराध के मामलों में भी आ जाए तो जनता क्या करे? कुछ यही स्थिति शनिवार देर रात नेहरू कालोनी के जी और एच ब्लाक के लोगों की रही।
100 नंबर व्यस्त मिले
नशेड़ियों के हंगामे के बाद पहले तो थाने का नंबर, 100 नंबर व्यस्त मिले। किसी तरह थाना इंचार्ज से बात हुई भी तो स्टाफ कम होने का हवाला दिया गया। लोग इंतजार करते रहे, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। आखिर नशेड़ी खुद ही गए तो लोगों को नींद नसीब हुई।
शनिवार रात 11:30 बजे नेहरू कालोनी स्थित जी और एच ब्लाक के बीच नशे में धुत 10-12 युवक पहुंचे और झगड़ने लगे। शोरगुल की आवाज सुन आसपास के लोग घरों से बाहर तो आए, लेकिन युवकों के बीच जाने की हिम्मत कोई नहीं जुटा सका। लोगों ने पुलिस को सूचना देने के लिए 100 नंबर मिलाया तो नंबर व्यस्त मिला।
नेहरू कालोनी थाने का लैंडलाइन नंबर खराब था। इसके बाद एसएसपी कैंप कार्यालय में सूचना दी गई, तो वहां से वायरलेस पर नेहरू कालोनी थाने सूचना फ्लैश की गई। इसके बावजूद कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं आया।
फोर्स की कमी पर पल्ला झाड़ लिया
काफी देर इंतजार के बाद लोगों ने प्रभारी थाना इंचार्ज अरविंद को फोन मिलाया, लेकिन उन्होंने भी फोर्स की कमी पर पल्ला झाड़ लिया। सूचना के आधे घंटे बाद भी पुलिस नहीं पहुंची, जबकि युवक इस बीच निकल गए। उधर, एसपी सिटी डा. जगदीश चंद्र ने बताया कि नेहरू कालोनी का मामला उनके संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है।
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