खुद को केंद्रीय गृह मंत्रालय का पूर्व सचिव बताकर गुजरात में एनजीओ समेत कई अन्य लोगों को करोड़ों का चूना लगाने वाला ठग धरा गया। गुजरात पुलिस ने चार साल से दून में रहकर क्लीनिक चला रहे आरोपी को दबोच लिया। गुजरात पुलिस उसे रिमांड पर साथ ले गई।
शनिवार को दून पहुंची गुजरात पुलिस ने पटेलनगर पुलिस से संपर्क कर बताया कि उसे एएस राव पुत्र एसआर राव निवासी आंध्र प्रदेश की तलाश है। दिल्ली में रहने वाले राव के रिश्तेदारों से पता चला था कि राव चार साल से दून में है और यहां प्राइवेट क्लीनिक चलाता है।
दून में भी चल रही थी ठगी
इसके बाद पटेलनगर और गुजरात पुलिस ने शनिवार रात 12 बजे बंजारावाला स्थित घरौंदा कालोनी स्थित राव के फ्लैट पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया। इंस्पेक्टर पटेलनगर पंकज गैरोला ने बताया कि आरोपी के पास क्लीनिक चलाने के लिए मेडिकल डिग्री भी नहीं मिली।
ऐसे करता था ठगी
गैरोला ने बताया कि एनजीओ संचालक गुजरात के भावनगर निवासी बलवंत भाई ने वहां दर्ज कराए केस में बताया था कि राव उनसे मिला था। उसने दावा किया था कि वह केंद्रीय गृह मंत्रालय में सचिव है और अपने संपर्कों के जरिये वह बलवंत को पांच करोड़ का लोन दिला देगा।
इसके बाद राव ने बलवंत से खर्चे के नाम पर कई किस्तों में 35 लाख रुपये ले लिए। उसने बलवंत को कुछ बैंकों का लोन स्वीकृति पत्र भी भेज दिया, जो बाद में फर्जी निकला। इसके बाद से राव का फोन बंद था। पटेलनगर इंस्पेक्टर के मुताबिक गुजरात पुलिस की जांच में साफ हुआ कि राव ने इसी तरह कई अन्य लोगों को भी करोड़ों का चूना लगाया था।