ड्रग्स के काले धंधे का मामू शेर दिल खान सोमवार को अपने चार एजेंटों के साथ पकड़ा गया है। यह शातिर इस तरह से सोशल मीडिया पर लोगों को अपना शिकार बनाता था।
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उसके पास से लाखों रुपये की 280 ग्राम स्मैक के साथ करीब एक लाख 20 हजार रुपये की नकदी बरामद हुई है, यह रकम स्मैक बेचकर वसूली गई थी।
अब तक की पूछताछ में मामू नेटवर्क से देहरादून के 15 से 20 लोगों के जुड़े होने की बात सामने आई है, जिनकी तलाश में पुलिस की दबिश चल रही थी। पुलिस ने मामू की कार को सीज कर दिया है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि नवंबर में जेल गए कोबरा गैंग से जुड़े कई सदस्यों से पूछताछ में मामू का नाम सामने आया था, तब से ही पुलिस उसकी तलाश में थी।
सोमवार सुबह सहायक पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह को सूचना मिली कि बरेली का कोई तस्कर अपने साथियों के साथ सेलाकुई में ड्रग्स की आपूर्ति करने के बाद प्रेमनगर की तरफ आ रहा है। एसओजी, प्रेमनगर और वसंत विहार पुलिस के साथ झाझरा में चेकिंग शुरू की गई। इसी बीच कार में आए पांच लोगों को रोककर तलाशी ली गई तो अलग-अलग उनके पास से 280 ग्राम स्मैक, एक लाख 20 हजार रुपये नकद और तमंचा बरामद हुआ।
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आरोपियों के पास से आठ एटीएम बरामद , बैंक खाते होंगे सीज
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पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम शेर दिल खान उर्फ मामू निवासी इस्लाम नगर फतेहगंज बरेली, शाहिद निवासी इस्लामपुर फतेहगंज, अजीत निवासी रायपुर रोड, पुष्पेन्द्र शर्मा, रजत जैसवाल निवासी करनपुर बताए। एसएसपी के मुताबिक बरेली का शेर दिल और शाहिद शहर में करीब 15 से 20 लोगों को माल सप्लाई करता है, जो शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों को ड्रग्स बेचते हैं।
एसएसपी के मुताबिक ड्रग्स कारोबार में पकड़े गए इन आरोपियों के बैंक खातों को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। पकड़े गए लोगों के बैंक खातों का पता लगा लिया गया है। खातों में जमा रकम को सीज करने के लिए बैंकों को लिखा जा रहा है। वहीं आरोपियों के पास से आठ एटीएम बरामद हुए हैं।
एक ग्राम की बनाते हैं 20 पुड़िया
पुलिस हिरासत में आरोपियों ने बताया कि एक ग्राम स्मैक की वह करीब 20 पुड़ियां बनाकर बेचते हैं। एक पुडिया की कीमत पांच सौ रुपये होती है, जबकि वह बरेली से एक हजार रुपये ग्राम के हिसाब से स्मैक लाते हैं।
पकड़े गए आरोपी व्हाट्सएप, फेसबुक और सोशल मीडिया के माध्यम से अपने ग्राहकों से स्मैक की बुकिंग प्राप्त करने के बाद माल को बुकिंग के अनुसार पर्चियां और पैकेट बनाकर ग्राहकों को सप्लाई करते थे। पकड़े गए अजीत और पुष्पेन्द्र माल बांटने का रूट तय करते थे। पहले इनका कोई एजेंट स्कूटी से पूरे रास्ते की रैकी करता था, माल डिलीवरी के दौरान कोई मोबाइल पर बात नहीं करता था।
टीम को जिले से पीएचक्यू तक इनाम
ड्रग्स कारोबार से जुड़े लोगों की गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल सहायक पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, सीओ चंद्रमोहन नेगी, एसओ प्रेमनगर मुकेश त्यागी, एसओजी प्रभारी पीडी भट्ट, एसओ वसंत विहार संजय मिश्रा, चौकी प्रभारी शिशुपाल राणा, कांस्टेबल चमन, प्रेमेन्द्र, डब्बल सिंह, नरेन्द्र सिंह, एसओजी के हेड कांस्टेबल सुशील, कांस्टेबल ललित, राजीव, अमित, आशीष नेनवाल, प्रमोद और आशीष को एसएसपी, डीआईजी पुष्पक ज्योति और एडीजी अशोक कुमार ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है।