बेतालघाट ब्लाक के हली गांव से होकर बहने वाली रामगाड़ नदी में जहर देकर वन्यजीवों को मारने की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने बुधवार को रामगाड़ नदी में कई घंटे सर्च अभियान चलाया, लेकिन टीम को दूसरे दिन नदी किनारे एक भी मृत जानवर नहीं मिला।
जबकि बीती रात नदी किनारे से बरामद किए गए तीनों मृत जानवरों के पोस्टमार्टम के बाद उनके कई अंगों को जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेज दिया गया है।
बताते चलें मंगलवार को रामगाड़ नदी किनारे तीन वन्य जीवों के शव हुए थे और नदी में भी बड़ी तादाद में मछलियां मर गई थीं। उन्हें जहर देकर मारने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
भवाली के वन क्षेत्राधिकारी प्रकाश जोशी ने बताया बुधवार को भवाली स्थित रेस्ट हाउस में पशु चिकित्सक डा. योगेश भारद्वाज ने तीनों घुरड़ के शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद उनके लीवर, किडनी, फेफड़े और हृदय को जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
दूसरी ओर बुधवार को एसडीओ यूसी तिवारी, वन क्षेत्राधिकारी प्रकाश जोशी, डा. योगेश भारद्वाज और जीव विज्ञानी रेखा पलड़िया ने हली गांव में रामगाड़ नदी किनारे सर्च अभियान चलाया, लेकिन टीम को कोई भी मृत जानवर नहीं मिला।
विभागीय अधिकारियों ने इस संबंध में हली गांव के ग्रामीणों से भी जानकारी ली, लेकिन जानवरों की मौत का कारण नहीं पता चला।