पीड़िता कुछ लोगों के साथ शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे थाने पहुंची थी। महिला का आरोप है कि मुझे दो साल से घुटन भरे माहौल में काम करना पड़ रहा है।
कथित अधिकारी नाजायज मांग नहीं मानने पर इस्तीफा देने का दबाव बना रहा है। महिला का कहना है कि इस बाबत कॉलेज प्रबंधन से शिकायत की थी, लेकिन कुछ अधिकारियों ने मामले को दबा दिया।
औपचारिकता के लिए जांच समिति भी बनाई गई, लेकिन मनमाफिक रिपोर्ट तैयार कर दोषी को बचा लिया गया। इस बार फिर से वही प्रयास किया जा रहा है। महिला के अनुसार तहरीर देने के बाद कॉलेज प्रबंधन और कथित अधिकारी कॉलेज की बदनामी का हवाला देकर लगातार मामला वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। महिला का कहना है कि मुझे न्याय चाहिए। यदि मैं इस्तीफा दूंगी तो दोषी अफसर भी अपना पद छोड़ें।