देहरादून में पूर्व सैनिक की पत्नी को तीन करोड़ रुपये के पार्सल का झांसा देकर करीब 12 लाख रुपये ठगने के मामले में पुलिस ने दिल्ली से एक नाइजीरियन ठग के साथ उसके साथी सिम कार्ड विक्रेता को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के पास विभिन्न मोबाइल कंपनियों के 64 एक्टीवेट सिम बरामद हुए हैं। इसके अलावा ठगी के पचास हजार रुपये भी बरामद किए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान हुई है। दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें यहां लाया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि क्लेमेंटटाउन के नई बस्ती निवासी पूर्व सैनिक निमा बगमो की पत्नी फुनचौक ने नौ अगस्त को ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। महिला का कहना था कि एक शख्स ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फोन करने की बात कहते हुए इंग्लैंड से तीन करोड़ रुपये का पार्सल आने की बात कही थी।
तीन करोड़ का लालच देकर ठगे थे 12 लाख
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- फोटो : demo pic
उसने पार्सल छुड़ाने के लिए 11 लाख 75 हजार रुपये मांगे गए जो महिला ने बताए गए बैंक खातों में जमा करा दिए। संबंधित मोबाइल नंबरों पर पार्सल के लिए कॉल की तो महिला को जान से मारने की धमकी दी गई थी। मामले की पड़ताल के लिए एसओ नरेश राठौड़ और एसओजी प्रभारी अशोक राठौड़ के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं।
एसएसपी ने बताया कि विवेचना के दौरान मोबाइल नंबर और बैंक खातों की आईडी फर्जी पाई गई, लेकिन दिल्ली में कई स्थानों से मिले सीसीटीवी फुटेज से पुलिस जांच को काफी बल मिला।
इसी आधार पर नाइजीरियन डीवाइन (हाल पता गुरुद्वारा रोड महावीर एंकलेव) और मोहम्मद जाकिर निवासी निहाल विहार नांगलोई को दिल्ली के डावडी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उनके अन्य साथियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश की जा रही हे। पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह इस दौरान मौजूद रहे।
बिजनेस वीजा पर आया था डीवाइन
पकड़ा गया डीवाइन नाइजीरिया से बिजनेस वीजा पर भारत आया था। वीजा अवधि काफी समय पहले खत्म हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि उसका पासपोर्ट बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। उसके अन्य साथी भी दिल्ली में छिपे हैं। जल्द ही उनके खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत अलग से मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
दिल्ली में सक्रिय है गैंग
पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के आधार पर बताया कि दिल्ली में नाईजीरियन का गैंग सक्रिय है, जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं। फर्जी आईडी पर लिए गए सिम से वह देश भर में लाटरी, कोरियर, विदेशों से पार्सल आने का झांसा देकर खातों में रकम स्थानांतरित करा लेते है। यह लोग ठगी से प्राप्त धनराशि को आपस में बांट लेते हैं। जाकिर नाइजीरियन गैंग को बिना आईडी के एक्टीवेट सिम उपलब्ध कराता था।