मंगलवार को राजपुर रोड के वन विभाग मुख्यालय में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में वन विभाग के एक अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुख्यालय की पांचवीं मंजिल से लगाई थी छलांग
अब पुलिस को मृतक तरुण (32) निवासी ऋषिकेश की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
मंगलवार को दोपहर बाद सूचना मिली थी कि तुरुण ने मुख्यालय की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाई है, लेकिन शरीर पर चोट के निशान इसकी गवाही नहीं दे रहे हैं।
पांचवीं मंजिल पर युवक का मोबाइल मिला है। मंगलवार को परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए काफी देर तक हंगामा किया। आरोप है कि युवक की हत्या करने के बाद उसे नीचे फेंका गया है।
ऋषिनगर निवासी 32 वर्षीय तरुण राजपुर रोड स्थित वन विभाग मुख्यालय में उपनल के आधार पर ड्राइवर था। डेढ़ माह पहले उसे काम से हटा दिया गया था। बकाया भुगतान के लिए वह अक्सर यहां आता था।
शव पर मिले चोट के निशान
मंगलवार दोपहर करीब पौने एक बजे वह घर से मुख्यालय के लिए निकला था। डेढ़ बजे के करीब वन विभाग मुख्यालय की पांचवीं मंजिल से उसके छलांग लगाने की खबर मिली। सूचना पर पुलिस के पास परिजन भी रोते-बिलखते पहुंच गए।
मौके पर पड़ताल हुई तो छलांग लगाने की कहानी पर सवाल उठ गए। मृतक का मोबाइल पांचवीं मंजिल पर मिला, लेकिन शव पर चोट के ऐसे निशान नहीं थे, जिससे लगे कि वह पांचवीं मंजिल से गिरा है।
उसकी कमर में ही चोट के निशान थे। पुलिस पहले इसे आत्महत्या मान रही थी, लेकिन परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। मृतक के भाई विक्की का आरोप है कि मारने के बाद तरुण को बाहर फेंका गया।
कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही पुलिस शव कब्जे में ले सकी। एसपी सिटी अजय सिंह का कहना है कि तरुण की मौत के मामले में हर पहलू पर जांच-पड़ताल की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ हो जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्यों नहीं किया भुगतान
तरुण के भाई विक्की का कहना है कि उसका भाई वन विभाग से बकाया भुगतान लेने आया था। उसे काफी दिनों से टरकाया जा रहा था। मंगलवार को वह आया और उसके साथ अनहोनी हो गई। पूरे मामले का राज खुलना चाहिए।