उत्तराखंड के रुड़की क्षेत्र में नशे की हालत में एक युवक का अपने दोस्त से विवाद इतना बढ़ा कि उसने दोस्त के सीने में चाकू से वारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने हत्यारोपी को घेराबंदी कर दबोच लिया और हत्या में प्रयुक्त चाकू को बरामद कर लिया है।
हत्यारोपी कभी मोबाइल फोन का विवाद तो कभी देवता के घंटे चोरी करने के बात को हत्या की वजह बता रहा है। हत्यारोपी को तुरंत पकड़ने पर एसएसपी ने पुलिस टीम को ढाई हजार के ईनाम की घोषणा की है।
अशोक नगर ढंडेरा निवासी प्रदीप रावत (24) शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे ढंडेरा बाजार जा रहा था। इसी बीच मेन रोड पर उसे उसका दोस्त अजय ठाकुर निवासी ढंडेरा मिला।
दोनों के बीच किसी बात पर कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि अजय नशे में था। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता अजय ने अपनी जेब से चाकू निकाल लिया और प्रदीप के सीने पर वार कर दिया।
पुलिस को बार-बार उलझाता रहा
चाकू लगने से प्रदीप लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा, जबकि आरोपी वहां से भाग गया। लोगों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही प्रदीप को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसके पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।
सूचना पर सीओ एलएम उप्रेती, इंस्पेक्टर योगेंद्र सिंह पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस ने ढंडेरा रेलवे स्टेशन के पास से हत्यारोपी अजय को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर स्टेशन के पास झाड़ियों से हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया।
एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि आरोपी कभी मोबाइल फोन का विवाद तो कभी देवता से घंटे चोरी करने के मामले को लेकर उपजा विवाद बता रहा है।
आरोपी का कहना था कि प्रदीप रावत ने देवता का घंटा मंदिर से चोरी किया था। वह घंटा वापस नहीं कर रहा था जिस कारण विवाद हुआ। एसपी देहात ने बताया कि आरोपी नशे की हालत में है। नशा उतरने पर फिर से पूछताछ की जाएगी।
कहीं पहले से तो नहीं बनाया था प्लान!
अजय ठाकुर नशे में दोस्ती का रिश्ता भी भूल गया। हत्या से पहले उसने नशे की छह गोली खाई थी। जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे जाहिर है कि आरोपी ने पहले ही कत्ल की योजना बना ली थी।
इसी वजह से वह साथ में चाकू लेकर घूम रहा था। दोस्त के सामने आते ही उसने बिना मौका गवाए उसके सीने पर चाकू से वार कर दिया।
इंस्पेक्टर योगेंद्र सिंह के मुताबिक जांच में पता चला है कि अजय ठाकुर और प्रदीप रावत आपस में काफी अच्छे दोस्त थे। उनके मुताबिक दोनों ही नशा भी करते थे। साथ घूमना-फिरना था, दोनों के बीच कभी पहले विवाद नहीं हुआ था।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने दोपहर के समय ही नशे की छह गोलियां खाई थी। आरोपी के मुताबिक करीब एक माह पहले ही उसने नेहरू स्टेडियम के पास लगने वाली एक अस्थायी दुकान से चाकू खरीदा था।