राजधानी देहरादून के क्लेमेंटाउन में एक शातिर मां बेटी ने नौकरी दिलाने और सरकारी सहायता के नाम पर करीब 30 से 40 लोगों को ठग लिया। मामले की भनक जैसे ही पुलिस को लगी तो वे निकल पड़े इन्हें ढूंढने, लेकिन ये दोनों अंडरग्राउंड हो गई। अब इनका ये अंजाम हुआ है।
शहर के सुभाषनगर निवासी लोकेश्वर सिंह ने 27 मार्च को क्लेमेंटाउन थाने में ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें हाशिम खान के अलावा अन्य को आरोपित किया गया था। पुलिस विवेचना के दौरान काफी लोग पुलिस के सामने आए, जिनसे समाज कल्याण से आर्थिक सहायता दिलाने, सरकारी योजना में मकान बनवाने और कई महकमों में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठे जाने की शिकायत की थी।
पुलिस ने हाशिम को तो पकड़ लिया था, लेकिन मां-बेटी फरार थी। पुलिस ने टिहरी गढ़वाल के काठड़ी निवासी कांता बोरा और उसकी बेटी पूजा को गिरफ्तार कर लिया है। एसओ हरिओम चौहान ने बताया कि इस गिरोह ने देहरादून के अलावा रुड़की, हरिद्वार, हल्द्वानी आदि के लोगों को अलग-अलग झांसा देकर ठगा है।