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अपहरण के 9 घंटे बाद पिता को किस हालत में मिला दस साल का मासूम, जानिए...

Sun, 17 Sep 2017 12:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सितारगंज
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सरेआम लापता हुआ बालक नौ घंटे बाद इस हालत में मिला कि पुलिस भी चौंक गई। पूछताछ में बच्चे ने पुलिस को कई बातें बताई.. जानिए...
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पुलिस के अनुसार तलाशी के दौरान बच्चा अपने पिता को बिज्टी-मझोला मार्ग पर संदिग्‍ध परिस्‍थ‍तियों में खड़ा मिला।  पूछताछ में बच्चे ने बताया कि बाइक सवार दो बदमाश उसे अगवा करके ले गए थे। 

अपहरणकर्ता बच्चे को रिलायंस पंप के पास खड़ी कार में डालकर उसे क्षेत्र से बाहर ले जाना चाहते थे। लेकिन पुलिस की नाकेबंदी के चलते अपहरणकर्ता अपनी योजना में कामयाब नहीं हो सके। एसएसपी ने बताया कि बच्चे के पिता की तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ अपहरण की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने अज्ञात अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए एसओजी टीम को लगाया है। एसओजी प्रभारी विद्यादत्त जोशी ने भी शनिवार को घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।  
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शुक्रवार शाम करीब पांच बजे वार्ड तीन सुप्रिया कॉलोनी में ट्रांसपोर्टर हरपाल सिंह पुत्र रघुवीर सिंह का दस वर्षीय बेटा जसकीरत सिंह कुत्ते को रोटी खिलाने के लिए घर से बाहर आया। उसके बाद से वह लापता हो गया था। काफी खोजबीन के बाद जब उसका पता नहीं चला तो परिजनों ने कोतवाली पुलिस को इसकी जानकारी दी। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने पुलिस की पांच टीमें गठित कर निगरानी में लगाई। इधर हरपाल भी अपनी पत्नी संदीप कौर के साथ कार से बच्चे को खोजने निकला। रात करीब 2:40 बजे उसे बिज्टी-मझोला मार्ग पर कौंधाअशरफ गांव के पास जसकीरत सड़क किनारे खड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सीएचसी में बच्चे का परीक्षण कराकर परिजनों को सौंप दिया। 
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वारदात की पूरी दास्तां, बच्चे की जुबानी..

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.एसएसपी दाते और एएसपी देवेंद्र पिंचा ने हरपाल के घर पहुंचकर बालक और उसके परिजनों से जानकारी ली। इसके बाद बच्चे के साथ घर से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित घटनास्थल का मुआयना किया। एसएसपी ने बताया कि कुत्ते को रोटी खिलाने के बाद जसकीरत उसे टहला रहा था। इसी बीच दो लोग उसके पास आए और पापा का नाम लेते हुए उससे घर पूछने लगे। जैसे ही वह उनके पास गया तो एक ने हाथ से मुंह दबाकर बाइक पर बिठा लिया और दूसरा बाइक लेकर चल दिया। गली से बाहर रिलायंस पेट्रोल पंप के पास एक कार खड़ी थी। कार में एक युवक पहले से बैठा था। तीनों उसे कार से उसे बिज्टी की तरफ ले गए और कौंधा असरफ गांव के पास छोड़ गए। एसएसपी के मुताबिक अपहरण के अलावा प्रॉपर्टी, लेनदेन, रंजिश आदि बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। 

जसकीरत के पिता हरपाल सिंह ने बताया कि तीन माह पहले डाक से किसी ने उसे धमकी भरा पत्र भेजा था। इसमें साझेदार के रुपये नहीं लौटाने पर परिवार को उठा लेने की धमकी दी थी। साझेदार हरपाल का रिश्तेदार है। हरपाल ने चिट्ठी को अपने रिश्तेदार और उसके भाई के बीच संपत्ति विवाद से जोड़कर नजरअंदाज कर दिया। जसकीरत के अपहरण के बाद हरपाल ने पुलिस से धमकी भरे पत्र का भी जिक्र किया। शनिवार को जब एसएसपी ने परिजनों से पूछताछ की तो हरपाल ने बताया कि धमकी भरा पत्र टाइपराइटर से लिखा गया था। एसएसपी ने बताया कि पत्र की भी जांच की जा रही है। 

पुलिस जांच में बालक के अपहरण से संबंधित कोई भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने नहीं आया है। जसकीरत का परिवार सुप्रिया कॉलोनी में रहता है, वहां आसपास करीब पांच घरों, दो स्कूलों में सीसीटीवी लगे हैं। लेकिन, बच्चे द्वारा बताई गई बाइक और दो युवक एक भी कैमरे में कैद नहीं हुए। इससे पुलिस की जांच की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अपहरण के दौरान हरपाल के घर का सीसीटीवी बंद था। पूछताछ में पता चला कि हरपाल ने दो दिन पहले घर में लगे सीसीटीवी का कनेक्शन इनवर्टर से हटाया था। इससे बत्ती गुल होने के कारण बालक के अपहरण करने वाले बदमाश और बाइक कुछ भी उसमें कैद नहीं हुए। 

ट्रांसपोर्टर हरपाल सिंह, उसकी पत्नी संदीप कौर के तीन बच्चे हैं। इनमें जसकीरत सबसे बड़ा है। उससे छोटी तीन साल की बेटी चहल कौर, एक वर्षीय बेटा सुखविंदर सिंह है। जसकीरत कक्षा दो तक हिमाचल प्रदेश के बड़ूसाहब की अकाल एकेडमी में पढ़ा था। एकेडमी के माध्यम से स्कॉलरशिप पर उसे इंग्लैंड के किंग्स्टन लंदन में सेंट एल्बस स्कूल में छह माह तक पढ़ाई की मुफ्त ट्रेनिंग मिली।
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