दुर्लभ किंग कोबरा सांप के साथ गिरफ्तार सपेरे को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अदालत ने कोबरा को प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ने का आदेश दिया, लेकिन बुधवार को उसे जंगल में नहीं छोड़ा जा सका।
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वन विभाग के दल ने मंगलवार रात आसारोड़ी के पास बस में तलाशी के दौरान फरीदाबाद निवासी सूरज नाथ को पकड़ा था। उसके पास थैले से कोबरा सांप बरामद किया गया था। बुधवार को वन विभाग ने आरोपी को अदालत में पेश किया।
अदालत ने कोबरा को जंगल में छोड़ने के लिए कहा। लेकिन देर होने के कारण वन विभाग की टीम ऐसा नहीं कर सकी। अधिकारियों ने बताया कि सांप बृहस्पतिवार सुबह राजाजी नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा। विभाग की एक टीम सांप को लेकर जाएगी।
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वीडियो में देखें, किंग कोबरा
सूरज नाथ ने वन अधिकारियों को बताया कि वह सपेरा है। उसका कहना था कि कुछ दिन पूर्व देहरादून के एक व्यक्ति से फोन पर उसकी बात हुई थी। मंगलवार को उस व्यक्ति ने उसे दून बुलाया, रिस्पना पुल के पास थैले में रखा सांप सौंपा और रकम लेकर निकल गया।
सूरज ने बताया कि सांप का सौदा दस हजार रुपये में हुआ था। अधिकारियों के मुताबिक सूरज का कहना है कि वह उस व्यक्ति को नहीं जानता, पहली बार मिला था।
हो सकता है बड़ा गिरोह वन अधिकारी भी मान रहे हैं कि जिस व्यक्ति ने सपेरे को कोबरा सांप दिया, वह किसी बड़े वन्यजीव तस्कर गिरोह से जुड़ा हो सकता है। अब वन अधिकारी इस व्यक्ति के जरिए गिरोह तक पहुंचने की कोशिश में है। हालांकि, सूरज नाथ ने जो फोन नंबर मुहैया कराया है वह लगातार ‘स्विच ऑफ’ आ रहा है।
14 फुट का है दुर्लभ कोबरा
बुधवार को सपेरे से बरामद किए गए कोबरा को भारतीय वन्यजीव संस्थान ले जाया गया। वैज्ञानिकों के एक दल ने जांच के बाद इसके किंग कोबरा होने की पुष्टि की। विशेषज्ञ विभाष पांडव ने इस सांप की लंबाई 14 फुट बताई।
बताया कि कोबरा सांप की अधिकतम लम्बाई 18 फुट हो सकती है, औसतन लम्बाई 10-13 फुट के बीच रहती है। बताया कि यह सांप सबसे जहरीला माना जाता है। इसके डसने से विशाल हाथी की मौत भी हो सकती है।
एक बार में यह सांप दस मिलीलीटर तक जहर उगल सकता है। इसकी मुख्य खुराक छोटे सांप होते हैं, लेकिन यह जहरीले कीड़ों को भी खाता है। सर्दियों में यह कई दिन तक बिना खाए-पीए रह सकता है। अन्य सांपों की तरह बिलों में रहने के बजाय कोबरा खुद पत्तों, झाड़ियों का घोंसला बनाकर रहता है।
भारत के अलावा दक्षिण एशियाई देशों के घने जंगलों में कोबरा सांप पाया जाता है। उत्तराखंड के कार्बेट और राजाजी नेशनल पार्कों के अलावा तराई के कुछ भागों में यह सांप देखा गया है। इसके अलावा उड़ीसा, आंध्र प्रदेश के जगंलों में भी कोबरा सांप मिलते हैं, लेकिन हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में यह नहीं मिलता।
जहर से दवा, खाल से सजावट कोबरा सांप का जहर बेशकीमती होता है। इसका जहर दवाएं बनाने में प्रयुक्त किया जाता है। कोबरा के जहर से विष निरोधक दवाएं (एंटी वेनम वैक्सीन) बनती हैं, जो सांप के काटने के उपचार में काम आती हैं। कई लोग कोबरा की खाल सजावट के लिए घरों में लगाते हैं। हालांकि, संरक्षित जीव होने के कारण ऐसा करना गैरकानूनी है।