जालसाजों ने नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा करने के लिए ओएनजीसी की वेबसाइट बना ली। यही नहीं विभिन्न पदों पर रिक्तियां दर्शाकर अभ्यर्थियों से प्रत्येक के बदले पांच लाख रुपये की मांग कर ली। मामला संज्ञान में आने के बाद अधिकारियों ने कैंट कोतवाली में मुकदमा कायम कराया है।
ओएनजीसी के चीफ मैनेजर (एचआर) की तरफ से दर्ज मुकदमे में कहा गया है कि अज्ञात लोगों ने कंपनी की फर्जी वेबसाइट बनाकर विभिन्न पदों पर रिक्तियां दर्शा दी हैं, जिस पर आवेदन भी हुए। आरोप है कि जालसाजों ने प्रत्येक पद पर भर्ती के लिए पांच लाख रुपये की मांग की है। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि कुछ अभ्यर्थियों ने जांच पड़ताल करते हुए ओएनजीसी अधिकारियों से संपर्क किया तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। हालांकि अभी तक किसी अभ्यर्थी से रुपये लिए जाने की बात सामने नहीं आई है। विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महिला से ठगे नगदी और जेवरात
देहरादून से मसूरी जाते समय तीन युवकों ने एक महिला से 70 हजार रुपये की नकदी और जेवरात ठग लिए गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज की मदद से ठगों की तलाश शुरू कर दी है। नेहरू कॉलोनी के राजीव नगर निवासी सतेश्वरी नेगी द्वारा शहर कोतवाली में दर्ज कराए गए मुकदमे में बताया कि वह रविवार को मसूरी जाने के लिए अग्रसैन चौक पर बस की इंतजार में थी। इस दौरान वह एक कार में सवार हो गई। उसमें तीन युवक सवार थे।
मसूरी रोड पर पहुंची तो इन युवकों ने डराते हुए नगदी और जेवर छिपाने के लिए कहा। 70 हजार रुपये की नगदी और पहने हुए जेवरात रुमाल में बांधकर महिला ने युवकों को थमा दिए। बाद में कार सवार युवकों ने मसूरी न जाने की बात कहकर उसे बस में बैठा दिया। मसूरी जाकर रुमाल खोला तो उसमें पत्थर और कागज के टुकड़े देखकर उसके पैरों तले की जमीन खिसक गई। पीड़ित ने वापस आकर पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
फर्जी डीएल बनाने का मुकदमा दर्ज
स्थानीय अभिसूचना इकाई ने जांच के बाद बिजनौर जिले के एक युवक के खिलाफ फर्जी डीएल बनाकर असली के रूप में प्रयोग करने का मुकदमा दर्ज कराया है।
पटेलनगर कोतवाली में दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा गया है कि ट्रैफिक पुलिस ने शिमला बाईपास पर चेकिंग के दौरान साजिद निवासी नहटौर बिजनौर को रोका था। साजिद द्वारा दिखाए गए ड्राईविंग लाइसेंस पर शक हुआ तो एलआईयू को मामले की जांच सौंपी गई। जांच में पता चला कि डीएल जाली है और उसका प्रयोग असली के रूप में हो रहा था। इंस्पेक्टर की तरफ से मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपी को तलाश रही है।