पौड़ी जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एक दलित किशोरी के साथ हुए सामुहिक दुराचार के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश कंवर सेन की अदालत ने पिछले साल कोटद्वार तहसील क्षेत्र में हुए मामले में क्षेत्र निवासी चंद्रमोहन सिंह, दिनेश और हरीश को सामूहिक दुराचार और पोस्को अधिनियम में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने इसके साथ ही दिनेश और हरीश पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका है जबकि चंद्रमोहन को एससीएसटी एक्ट के तहत भी दोषी पाते हुए कुल 20 हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया है।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि वर्ष 2014 में कोटद्वार तहसील क्षेत्र में एक दलित किशोरी के साथ सामूहिक दुराचार की घटना हुई थी। पीड़िता के पिता ने इस मामले में 15 सितंबर को तहरीर देकर कोटद्वार क्षेत्र निवासी चंद्र मोहन सिंह, दिनेश और हरीश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।