आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर अरुण कुमार गुप्ता की हत्या के दोषी को न्यायालय ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में तीन माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
आईआईटी रुड़की के केमिस्ट्री डिपार्टमेंट के प्रोफेसर अरुण कुमार गुप्ता की 27 अगस्त 2013 को आईआईटी परिसर स्थित उनके आवास में गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। साथ ही सुबूत मिटाने के इरादे से उनके शव को जलाने का भी प्रयास किया गया था।
घटना की जानकारी उस समय हुई थी जब प्रोफेसर की नौकरानी प्रतिदिन की तरह साफ-सफाई करने उनके आवास आई। घटना के संबंध में प्रोफेसर अरुण कुमार गुप्ता की बेटी गीतिका गुप्ता पत्नी वरुल जिंदल निवासी एस-31 ए, मकान नंबर 24-25, द्वितीय तल, डीएलएफ, फेज-थर्ड, गुड़गांव (हरियाणा) ने 28 अगस्त 2013 को दर्ज कराई थी।
पुलिस ने हत्याकांड की जांच के दौरान सुबूतों के आधार पर हिदायत अली पुत्र सफदर अली निवासी 122, पठानपुरा, रुड़की को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश रुड़की (द्वितीय) अरविंद कुमार की अदालत में चली। शासकीय अधिवक्ता आलोक पुंडीर ने बताया कि सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से पेश किए गए सुबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने हत्यारोपी हिदायत अली को दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है।