छात्रसंघ की चुनावी राजनीति के चक्कर में डीएवी में हुई छात्र की हत्या पर सुप्रीम कोर्ट ने आजीवन कारावास का फैसला बरकरार रखा है। डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून में 19 साल पहले छात्र की हत्या हुई थी। छात्र को चाकू से गोदकर मारा गया था।
चुनावी रंजिश में तेज बहादुर रोड निवासी डीएवी के छात्र आलोक चांदना की 24 सितंबर वर्ष 1996 में कॉलेज के ही छात्रों ने कॉलेज परिसर में चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी। मामले में सात छात्रों को आरोपी बनाया गया था।
अदालत ने 30 मई वर्ष 2000 में इस मामले में सभी सातों आरोपी छात्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखी थी सजा
पीड़ित परिवार के अधिवक्ता उमेश अरोड़ा के मुताबिक बचाव पक्ष ने इस सजा के खिलाफ हाईकोर्ट इलाहाबाद में अपील की थी, लेकिन नौ नवंबर को अलग राज्य बनने के बाद मामला हाईकोर्ट नैनीताल स्थानांतरित हो गया।
आठ अप्रैल 2011 को नैनीताल हाईकोर्ट ने भी फैसले को बरकरार रखा। जिसके खिलाफ बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी निचली अदालतों के फैसले को बरकरार रखा।