मैंगलोर में 21 मार्च को हुई थी आरटीआई कार्यकर्ता की मौत
सीबीसीआईडी ने जाखन के कुणाल हत्याकांड में कई संदिग्धों का लाई डिटेक्टर टेस्ट (झूठ पकड़ने वाली मशीन) कराया है। दो साल की लंबी जांच पड़ताल में क्लू ढूंढने में नाकाम एजेंसी को टेस्ट में कुछ हाथ लगने की उम्मीद है। 2014 में हुए इस कत्ल का कुछ घंटे में खुलासा करने का दावा ठोका गया था, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी हत्या की गुत्थी सुलझ नहीं पाई है।
राजपुर थाना क्षेत्र के जाखन में प्रापर्टी डीलर संजीव गुप्ता के बेटे कुणाल गुप्ता की मार्च 2014 में एक खंडहर में खून से लथपथ लाश मिली थी। उसकी ईंटों से पीट-पीट कर हत्या की गई थी।
कुणाल की हत्या के मोटिव को लेकर पुलिस में दो विचार धाराएं थी। पुलिस का एक वर्ग हत्या को लेकर पारिवारिक कारणों से जोड़ रहा है तो दूसरा नशे और जुएं में कत्ल होने की आशंका जता रहा है। पुलिस ने एक संदिग्ध पर गहरा शक जताते हुए उसके खिलाफ साक्ष्य मिलने का दावा भी कर दिया था।