लंढौरा में धर्मग्रंथ का अपमान नहीं हुआ था, बल्कि ऐसी अफवाह पर पूरा बवाल भड़का था। पुलिस ने फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद हुई पूछताछ में यह खुलासा हुआ। उधर, मामले के गिरफ्तार चैंपियन के ताऊ कृष्णकुमार को एसीजेएम कोर्ट से जमानत मिल गई है। शनिवार को कस्बे में इक्का दुक्का दुकानें भी खुली।
लंढौरा में बुधवार को एक दुकान खाली कराने के दौरान धर्मग्रंथ की बेअदबी पर बवाल हो गया था। मामले में दुकानदार महबूब ने कुंवर प्रणव चैंपियन के ताऊ कृष्ण कुमार समेत दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
चैंपियन के ताऊ को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। शनिवार को उनके फरार दोनों साथी ढंढेरा निवासी इस्लाम व इमरान को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
उन दोनों ने पुलिस को बताया कि चैंपियन के ताऊ कृष्ण कुमार ने उस चारपाई को गिरा दिया था, जिस पर कुछ किताबें रखी थी। लेकिन इन किताबों में धर्मग्रंथ नहीं था। महबूब ने ही दुकान खाली नहीं करने के लिए धर्मग्रंथ के अपमान की अफवाह फैलाई थी और इससे बवाल खड़ा हो गया था।
नए खुलासे के बाद दुकानदार भी गिरफ्तार
लंढौरा में तनाव के चलते बंद रहीं दुकानें
- फोटो : अमरउजाला
पुलिस अब गिरफ्तार हुए आरोपियों और दुकानदार के बयानों की जांच में जुट गई है। इसके लिए दुकानदार महबूब को भी हिरासत में ले लिया गया है। जल्द ही दुकानदार पर शिकंजा कस सकता है। उधर, लंढौरा में बवाल के चौथे दिन सुबह के समय कुछ सब्जी की दुकानें खुलीं। इस बीच शनिवार शाम एसीजेएम कोर्ट से चैंपियन के ताऊ कृष्ण कुमार को जमानत मिल गई।
बोले एसएसपी
बवाल मामले में फरार चल रहे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे पूछताछ में पता चला है कि दुकान खाली कराने के दौरान धर्मग्रंथ का अपमान नहीं हुआ था। इसकी अफवाह फैलाई गई थी। यह बात जांच में सही पाई गई तो दुकानदार के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
-राजीव स्वरूप, एसएसपी हरिद्वार