बेवफाई के शक पर वहशी बने एक प्रेमी ने बृहस्पतिवार को कुल्हाड़ी के ताबड़तोड़ वार से प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद उसने खुद भी जहरीला पदार्थ खाकर और कलाई की नस काटकर जान देने की कोशिश की। घटना देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र की है।
वारदात के करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने गंभीर हालत में प्रेमी-प्रेमिका को दून अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने प्रेमिका को मृत घोषित कर दिया। आरोपी का पुलिस की निगरानी में उपचार जारी है। हत्या का मुकदमा दर्ज कर, सेलाकुई थाने की पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के मुताबिक मूलरूप से द्योली गांव पोस्ट स्यालीधार जिला अल्मोड़ा निवासी पंकज सिंह(20) पुत्र मदन सिंह सेलाकुई की एक कंपनी में काम करता था। वह सेलाकुई स्थित वन निगम रोड पर किराए पर रह रहा था। इसी दौरान उसका पड़ोस में रहने वाली प्रियंका सिंह चौहान (21) पुत्री पिचपन सिंह निवासी नगाड़ गांव, बड़कोट, उत्तरकाशी से प्रेम प्रसंग हो गया।
प्रेमिका पर था शक, कुल्हाड़ी लेकर गया था उसके घर
प्रेमिका पर किसी और से अफेयर में होने का शक था।
- फोटो : AmarUjala
दोनों ने मंदिर में गुपचुप शादी भी कर ली थी। हालांकि शादी के बाद भी प्रियंका अपने ही घर पर रह रही थी। इसी बीच पंकज को लगने लगा कि प्रियंका का किसी से अफेयर हो गया है।
एसपी ग्रामीण टीडी बेला ने बताया कि आरोपी पंकज को शक था कि प्रियंका का कहीं और अफेयर चल रहा है। इसी वजह से उसने यह कदम उठाया। इससे नाराज पंकज एक छोटी कुल्हाड़ी लेकर बृहस्पतिवार सुबह करीब 5:30 बजे प्रियंका के घर पहुंचा। उस वक्त प्रियंका घर पर अकेली थी।
उसने प्रियंका पर कुल्हाड़ी से प्रियंका के सिर और शरीर पर कई वार किए। प्रियंका की हत्या करके पंकज ने अपनी जान लेने की कोशिश की। सुबह साढ़े सात बजे के करीब प्रियंका का रिश्तेदार सचिन राणा कमरे पर पहुंचा तो दरवाजा भीतर से बंद था।
प्रेमिका के शरीर पर किए कई वार, खुद की काट ली नस
आरोपी ने अपनी कलाई की नस काट ली।
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काफी खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो उसने खिड़की से झांककर भीतर देखा तो प्रियंका और पंकज खून से लथपथ पड़े थे। घबराए सचिन ने फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने दरवाजा तोड़कर दोनों को अस्पताल भिजवाया।
घटना स्थल से पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। हालत सुधरने पर शाम को अस्पताल में ही पंकज के 164 के बयान करवाए गए। बयान में उसने घटना का सिलसिलेवार ब्योरा देते हुए जुर्म कुबूल किया।