ऋषिकेश में स्कूल संचालक के बेटे और आठवीं के छात्र हार्दिक की रिहाई के बदले 50 लाख रुपए की फिरौती की इकलौती कॉल के बाद अपहर्ताओं ने फोन बंद कर लिया है। 36 घंटे से बेटे की तलाश में दर-दर की खाक छान कर थक चुके परिजन अब अनहोनी के डर से बदहवास हो चुके हैं।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस मामले में सक्रियता नहीं दिखा रही है। हार्दिक को लापता हुए 36 घंटे हो गए हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। गंगा नगर, गणेश विहार निवासी परिजनों के मुताबिक अपहरणकर्ता ने शुक्रवार सुबह हार्दिक के मोबाइल फोन से कॉल कर 50 लाख रुपए फिरौती मांगी थी।
तब से मोबाइल स्विच ऑफ है। शनिवार को आरोपी ने संपर्क करने की कोशिश नहीं की। इस बीच परिजन हरिद्वार, रुड़की, देहरादून में बेटे की तलाश में भटकते रहे, लेकिन सुराग नहीं लगा। मोबाइल पर कई बार कॉल की गई, लेकिन फोन स्विच ऑफ आ रहा है। आरोपी का क्या इरादा है। बच्चे को कहां रखा है।
फिरौती के लिए दोबारा कॉल क्यों नहीं आई, जैसे सवाल रावत परिवार को डरा रहे हैं। घरवाले ईश्वर से बस यही प्रार्थना कर रहे हैं कि हार्दिक बस किसी तरह सकुशल घर लौट आए। पिता राहुल रावत ने बताया कि वह खुद रिश्तेदारों और मित्रों के साथ छानबीन कर रहे हैं।
रावत ने बताया कि कुछ अखबारों में पुलिस के हवाले से अपहर्ताओं के लोकेशन ट्रेस होने के दावे की खबर छपी हैं। मगर पुलिस ने मांगने पर भी हमें जानकारी नहीं दी। साफ है कि अपहरणकर्ता सतर्क हो गया है, उसने फोन स्विच ऑफ कर दिया है।
क्या है मामला
निजी स्कूल संचालक राहुल रावत का 13 वर्षीय बेटा हार्दिक बृहस्पतिवार शाम संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। परिजन रात भर खोजते रहे, लेकिन उसका सुराग नहीं मिला। पिता राहुल ने बताया कि शुक्रवार को परिजनों के होश तक उड़ गए, जब बेटे के मोबाइल से एक कॉल उसकी मां के फोन पर आई। फोन करने वाले ने हार्दिक की रिहाई के बदले 50 लाख रुपए मांगे।
मामले में सफलता नहीं मिली है। रावत परिवार कुछ बताने को तैयार नहीं, जिससे क्लू नहीं मिल रहा है कि अपहरण के पीछे क्या वजह हो सकती है। परिवार ने पुलिस से दूरी बना रखी है। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंच गया है। पुलिस गंभीरता से तहकीकात में जुटी है।
- जीसी ध्यानी, पुलिस अधीक्षक देहात