रातों-रात धन्ना सेठ बनने की चाह ने देहरादून में मजदूरी करने वाले चार युवकों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
विज्ञापन
आरोपी सेवानिवृत्त शिक्षक को बेटे की हत्या की धमकी देकर 50 लाख रुपए की रंगदारी मांग रहे थे। युवकों से पुलिस ने धमकी भरी चिट्ठी की कापी के अलावा एक मोबाइल और दो सिम बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी गांव के पूर्व प्रधान का छोटा भाई है।
पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र के मेहूंवाला निवासी यशपाल सिंह प्राइमरी स्कूल में शिक्षक रहे हैं। सेवानिवृत्ति के बाद से वे गांव खेतीबाड़ी कर रहे हैं। उनका बेटा मोहित कुमार प्रापर्टी डीलिंग से जुड़ा है।
विज्ञापन
10 जनवरी की सुबह को उन्हें घर के गेट पर एक धमकी भरा पत्र मिला। इसमें बेटे की हत्या की धमकी के साथ 50 लाख रुपए की मांग की गई थी।
धन का इंतजाम करने के बाद लाल रंग की चुनरी घर के दरवाजे पर टांगकर 12 जनवरी को रकम लेकर सुंदरपुर आने को कहा गया था। इस दिन यशपाल सिंह सुंदरपुर नहीं पहुंचे तो आरोपियों ने 13 जनवरी को उन्हें फोन किया और 14 जनवरी की रात साढ़े 12 बजे बड़ोवाला पुल के पास आने की हिदायत दी।
अपने ही जाल में फंस गए
इसके बाद मोहित ने थाने आकर घटनाक्रम की जानकारी दी। पटेलनगर इंस्पेक्टर पंकज गैरोला ने चिट्ठी और मोबाइल नंबर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी।
पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने बुधवार रात बड़ोवाला पुल के पास प्रमोद उर्फ बिंटा, मुरसलीम उर्फ काला निवासी मेंहूवाला, मोहसिन निवासी पांवटी चरथावल मुजफ्फरनगर और राजकुमार निवासी सेलाकुई को पकड़ लिया। एसएसपी पुष्पक ज्योति ने पत्रकारों को बताया कि प्रमोद गांव के पूर्व प्रधान देवी सिंह का भाई है।
उसी ने अपने दोस्त मुरसलीम, मोहसिन और राजकुमार के साथ मिलकर योजना बनाई थी। प्रमोद ऋण लेकर खरीदे गए ट्रैक्टर की किश्त की वजह से वह आर्थिक संकट में था। धमकी भरी चिट्ठी भट्टे पर पथेर का काम करने वाले राजकुमार ने लिखी थी।
धमकी देने के लिए आरोपियों ने अपने ही मोबाइल का इस्तेमाल किया। पहला फोन राजकुमार ने अपनी पत्नी और दूसरा मुरसलीम के मोबाइल से किया था। पुलिस इन्हीं नंबरों के आधार पर आरोपियों को दबोच लिया।
आरोपी प्रमोद की यशपाल सिंह ने दो किश्तों में 90 हजार रुपए उधार देकर मदद भी की थी। प्रमोद और उसके पिता उनके खेतों पर काम करते थे। पूछताछ में प्रमोद ने यह बात स्वीकार की है।
पत्नी की तबीयत बिगड़ी धमकी भरे पत्र और फोन से यशपाल सिंह की पत्नी दहशत में आ गई थी। तबीयत बिगड़ जाने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
बातों-बातों में बनी योजना मुख्य आरोपी प्रमोद उर्फ बिंटा का कहना है कि मजाक-मजाक में रंगदारी मांगी गई थी। दोस्त आपस में आर्थिक स्थिति को लेकर रोना-रो रहे थे। इसी दौरान मोटा हाथ मारने की बात उठी तो सभी ने हां कर दी। उसने यशपाल सिंह का नाम सुझाया, क्योंकि उसे लगता था कि इस परिवार को आतंकित करना आसान है।
पुलिस टीम को इनाम एसएसपी ने पुलिस टीम में शामिल इंस्पेक्टर पंकज गैरोला, एसएसआई नत्थीलाल उनियाल, रफत अली, नरोत्तम सिंह बिष्ट, कांस्टेबल सुशील, सुंदर सिंह, सहदेव त्यागी, एसओजी के देवेंद्र भारती, अभिषेक और सुनील राणा को पुरस्कृत करने की घोषणा की।