उत्तराखंड के काशीपुर में अपहरण के बाद एक युवक की निर्मम तरीके से गला रेतकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, हत्यारे युवक का एक हाथ भी काट ले गए। पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ के लिए तीन युवकों को हिरासत में लिया है।
गुस्साए लोगों ने लगाया जाम
युवक की हत्या की खबर फैलते ही वाल्मीकि समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप चौक पर कूड़ा भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी कर जाम लगा दिया। इस दौरान आक्रोशित युवकों ने मुख्य चौराहा से तहसील गेट तक सड़क किनारे लगे दाल, चाट और फलों की ठेलियों को उलट कर तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने किया लाठी चार्ज
पुलिस ने इन युवकों को लाठियां भांजकर खदेड़ दिया। बाद में वाल्मीकि समाज के प्रमुख लोगों ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की और 48 घंटे से भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर जाम खोल दिया। वाल्मीकि समाज के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक सफाई व्यवस्था ठप करने का ऐलान किया है। शांति बनाए रखने के लिए शहर में पीएसी तैनात कर दी गई है। सीओ बाजपुर जीसी टम्टा, कोतवाल जसपुर जीसी पाठक भी दिनभर काशीपुर में जमे रहे।
एसएसपी मौके पर
एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल ने हत्यारोपियों को शीघ्र गिरफ्तारी का दावा किया है। प्रभारी कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की हैं।शनिवार सुबह आर्य नगर स्थितनेहा गैस एजेंसी के सामने खाली भूखंड में एक युवक का शव पड़े होने की सूचना पर सीओ प्रकाश चंद्र और प्रभारी कोतवाल धीरेंद्र कुमार फोर्स के साथ पहुंचे। धारदार हथियार से युवक का गला रेता गया था।
हाथ भी काटकर ले गए
हत्यारे युवक का बायां हाथ भी काटकर ले गए थे। हाथ पर उसका नाम खुदा हुआ था। युवक की हत्या की सूचना पर जब महेशपुरा मोहल्ला निवासी महेंद्र वहां पहुंचा तो उसने शव की पहचान अपने पुत्र सचिन उर्फ मोनू (22) के रूप में की। पुलिस ने महेंद्र की तहरीर पर महेशपुरा निवासी तौकीर और अतीक पुत्रगण सरीफ, हिंदुस्तानी डेंटल क्लीनिक के मालिक डा. हैदर अली, बांसफोड़ान मोहल्ला निवासी इरशाद, राशिद और सुहेल के खिलाफ धारा 302, 364 और 147 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
एक महिने पहले हुआ था झगड़ा
महेंद्र ने पुलिस को बताया कि एक माह पूर्व उसके बेटे मोनू का आरोपियों से किसी बात पर झगड़ा हुआ था। तब से वे मोनू से रंजिश रखते थे। उसने बताया कि शुक्रवार रात साढ़े आठ बजे वह मोनू के साथ वाल्मीकि धर्मशाला के पास खड़ा था। तभी आरोपी एक कार में आए और मोनू को उसमें डालकर ले गए। जाते-जाते कह गए कि जल्द घर छोड़ जाएंगे। सुबह पता चला कि मोनू की हत्या हो गई है।