हल्द्वानी के मुखानी में पुलिस ने पत्नी की हत्या के आरोप में पति को गिरफ्तार किया तो उसका बयान सुनकर सब सन्न रह गए। पुलिस के समक्ष पति ने बताया कि उसने पत्नी की हत्या नहीं की। कहा कि पत्नी को गर्भपात की दवा खिलाई थी, लेकिन उसने दवा खाने के बाद फांसी लगा ली।
बताया कि वह दो दिन तक पत्नी के शव के साथ सोता रहा और आठ फरवरी को डर के चलते बगैर किसी को बताए वहां से भाग निकला। बच्चों को पैतृक गांव स्थित घर में पहुंचाने के बाद वह खेत में छिप जाता था।
फतेहपुर स्थित श्रीराम कृष्ण धाम आश्रम में राजमिस्त्री प्रमोद पत्नी शीला और दो बच्चों के साथ चार साल से रह रहा था। आठ फरवरी सुबह पत्नी को छोड़कर प्रमोद अपने दो बच्चों के साथ साइकिल से भागा। आसपास के लोगों को इस पर शक हुआ तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने ताला तोड़कर देखा तो चारपाई पर प्रमोद की पत्नी की फूली हुई लाश पड़ी थी, इसमें से भीषण दुर्गंध निकल रही थी। पुलिस को आशंका थी कि उसे जहर देने के बाद गला दबाकर मारा गया है।
कहा, प्यार करता था इसलिए सोता रहा
पुलिस के पीछा करने पर प्रमोद अपने पैतृक घर बरेली जिले के तुलसापट्टी गांव में बच्चों को छोड़कर फरार हो गया। इस मामले में शीला के पिता रामपुर जिले के बिलासपुर अहरो निवासी कल्याण सिंह की तहरीर पर पुलिस ने प्रमोद के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
बुधवार को पुलिस ने प्रमोद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के समक्ष प्रमोद ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती थी। इस कारण उसने कठघरिया से गर्भपात की दवा लेकर उसे खिलाई। दवा खाने के बाद उसके शरीर पर दाने पड़ गए।
प्रमोद ने बताया कि वह छह फरवरी को काम कर घर लौटा तो पत्नी ने कमरा बंद कर फांसी लगा ली थी। वह दरवाजा तोड़कर अंदर गया और शव को चारपाई पर रखा।
दो दिनों तक वह शव के साथ सोता रहा था, क्योंकि उसे अपनी पत्नी से काफी प्यार था। वहीं, पुलिस को प्रमोद के बयान पर यकीन नहीं हो रहा है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।