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पूरे परिवार का कत्ल करने वाला पिटाई से डरा

Mon, 27 Oct 2014 08:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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पिता, सौतेली मां, गर्भवती बहन और मासूम भांजी की बेरहम हत्या का आरोपी हरमीत अपनों की नजरों में उभरते सवालों से दहल उठा। कोर्ट में पेशी के दौरान भांजे कंवलजीत सिंह और जीजा अरविंदर सिंह को सामने देख वह उनका सामना करने से बचने लगा।
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इस दौरान कुछ गुस्साए रिश्तेदारों और अन्य लोगों ने उसे पीटने की कोशिश की तो उसने हवालात की ओर दौड़ लगा दी। पुलिस किसी तरह उसे सुरक्षा घेरे में लेकर कोर्ट से निकली।

हरमीत को सोमवार शाम 05:18 बजे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया जाना था। दोपहर में ही उसे जेल से कोर्ट परिसर स्थित हवालात में लाया गया था। हवालात के बाहर कड़ा सुरक्षा पहरा था।
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हरमीत की सनक की शिकार बनी हरजीत कौर के पति अरविंदर सिंह अपने जख्मी बेटे कंवलजीत के साथ कोर्ट पहुंच गए थे। उनके साथ कुछ अन्य परिजन, रिश्तेदार और जय सिंह के परिचित भी मौजूद थे। सबकी आंखों में एक ही सवाल, आखिर हरमीत ने ऐसा क्यों किया?
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हरमीत पर खौफ हावी हो गया

तय समय पर पुलिस ने हरमीत को हवालात से निकाला और कोर्ट की ओर बढ़ी तो सामने परिजनों को देख हरमीत के चेहरे पर डर के भाव तैरने लगे। उसका रंग उड़ा नजर आया। भांजे और जीजा को देखकर तो वह एकबारगी सहमा सा दिखा। इस बीच कुछ रिश्तेदार उसे कोसने लगे तो हरमीत साथ चल रहे पुलिसकर्मियों के पीछे सिमटने लगा।

कुछ लोगों ने उसे सुरक्षा घेरे से खींचने की कोशिश की। इसके बाद तो हरमीत पर जैसे खौफ हावी हो गया। साथी पुलिसकर्मी उसे लेकर तेजी से चलने लगे तो उसने कोर्ट की ओर दौड़ लगा दी। कोर्ट के बाहर रुक गए परिजन उसे फांसी देने की मांग करने लगे। पुलिस ने किसी तरह उन्हें वहां से हटाया।

29 तक बढ़ी न्यायिक हिरासत
कोर्ट ने हरमीत को 29 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। विवेचना अधिकारी वीके जेठा ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में आरोपी के 164 के बयान लेने के लिए प्रार्थनापत्र दिया था, लेकिन आरोपी के बयान नहीं हो सके।

..लेकिन नहीं दिखा पछतावा
हरमीत अपनों को सामने देख भले डर गया हो, लेकिन उसकी नजरों में अपने किए पर कोई पछतावा नजर नहीं आया। हवालात से बाहर निकलने के बाद शुरुआत में वह पुलिसकर्मियों संग पूरी अकड़ में कोर्ट की ओर बढ़ता जा रहा था।

तीन मिनट में छूटे पसीने
हरमीत को हवालात से कोर्ट ले जाने, पेशी और कोर्ट से फिर हवालात वापस लाने में सिर्फ तीन मिनट का वक्त लगा। लेकिन कोर्ट में जमा भीड़, लोगों की हरमीत को पीटने की कोशिश के बीच इतने कम वक्त में भी पुलिस के पसीने छूट गए।
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