व्हाट्सएप पर कॉल की, मैसेज फोन से डिलीट कर दिए
एसओ अंकुर शर्मा ने आरोपियों के फोन कब्जे में लेने के बाद चेक किए तो सामने आया कि व्हाट्सएप कॉल और मैसेज में ही वारदात से पहले और बाद बातचीत की गई। यशपाल और राजन के बीच व्हाट्सएप कॉलिंग कई बार हुई थी। फोन से मैसेज तो डिलीट कर दिए, लेकिन कॉल की डिटेल नहीं हटा पाए थे। अब पुलिस और जानकारी जुटाने के लिए मोबाइल फोन एफएसएल जांच के लिए भेजेगी।
शेखर राजन को घटनास्थल ले गया और फिर वापस लाया
एसओ अंकुर शर्मा ने बताया कि आरोपी शेखर मोटरसाइकिल पर आरोपी राजन को पहले नहर पटरी पर लेकर गया था। वह कार में सवार हो गया तो पास में ही खड़ा रहा। तब हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया तो फिर उसे बाइक पर घटनास्थल लेकर आया। इसके बाद दोनों यहां से फरार हो गए।
खुद बनना चाहता था मालिक, बहनों को हिस्सा नहीं देना चाहता था
आरोपी यशपाल की दो बहनें दामिनी सिंह और काजल की शादी हो रखी है। दोनों नोएडा और गुरुग्राम में रहती हैं। एक सरकारी शिक्षक तो दूसरी बैंक में अधिकारी के तौर पर तैनात है। आरोपी ये मानता था कि पिता के जीवित रहते हुए बहनों को भी संपत्ति में हिस्सा मिलेगा। इसलिए उसने पिता को रास्ते से हटाकर खुद ही मालिक बनने की ठान ली। करोड़ों की संपत्ति पर खुद ही काबिज होकर बहनों को भी हिस्सा नहीं देना चाहता था। मगर सोचने वाली बात ये है कि जब अकेला बेटा है तो संपति का मालिक तो वही होगा। बहनें अपना करियर बनाने के साथ ही शादी कर घर परिवार बसा चुकी थी। मगर लालच और गलत संगत ने उसे ऐसा बना दिया कि उसने ये तक नहीं सोचा कि वह कदम उठा रहा है।
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क्या कहते हैं मनोवैज्ञानिक
कई बार बेटा खुद इतना सक्षम नहीं होता कि ऐसी प्लानिंग कर सके। वह दोस्तों की गलत संगति से प्रभावित होता है। इसे ग्रुप माइंडसेट क्राइम कहा जाता है। जहां दोस्त अपराध को आसान, तेज और लाभदायक बताकर व्यक्ति को ब्रेनवॉश कर देते हैं। अंततः अपराध उसका अपना फैसला बन जाता है। जब किसी बेटे के भीतर संपत्ति पाने की लालसा, पारिवारिक संस्कारों और भावनाओं पर हावी होने लगती है, तो वह अपने ही पिता को प्रतिस्पर्धी मानने लगता है। इस मानसिक स्थिति को पैरासाइटिक ग्रीड सिंड्रोम कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति अपने ही परिवार को दुश्मन की तरह देखने लगता है। - पूजा ठाकुर, मनोवैज्ञानिक