देहरादून में स्कूल के लिए निकली छात्रा की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने एक रेस्टोरेंट संचालक पर छात्रा को जहर देने का आरोप लगाया है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
हालांकि, पुलिस से लिखित में ऐसी शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले में रेस्टोरेंट संचालक को हिरासत में लिया गया है। बड़ोवाला निवासी करिश्मा नेगी (16) पुत्री भरत सिंह नेगी वीरपुर घंघोड़ा स्थित आर्मी स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा थी।
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शुक्रवार को करिश्मा सुबह सवा सात बजे स्कूल के लिए निकली थी। करिश्मा ने बताया था कि उसका आज कोई टेस्ट भी है। करीब साढ़े आठ बजे करिश्मा गढ़ी डाकरा स्थित घराट के बाहर पहुंची। वहां पर छात्रा को घराट के अंदर रेस्टोरेंट का संचालक लक्ष्मण (20) मिला।
स्कूल की ड्रेस में छात्रा को वहां पहुंचा देख लक्ष्मण ने आश्चर्य जताया। छात्रा ने रेस्टोरेंट संचालक को तबियत खराब होने की बात बताई तो वह उसे रेस्टोरेंट में ले गया। इस बीच हालत तबियत बिगड़ने पर लक्ष्मण ने 108 को सूचना दी और छात्रा को लेकर सिनर्जी अस्पताल पहुंच गया।
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छात्रा को सिनर्जी अस्पताल में छोड़कर रेस्टोरेंट संचालक वहां से निकल गया। इस बीच सिनर्जी अस्पताल के डॉक्टरों ने छात्रा को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल स्टाफ ने युवक के बताए नंबर पर कॉल कर परिजनों को इसकी सूचना दी। परिजन छात्रा के शव को लेकर घर चले गए। छात्रा का शव नीला पड़ने की वजह से परिजनों को जहर से मौत होने का संदेह हुआ।
इस बीच सूचना पर गढ़ी कैंट पुलिस करिश्मा के घर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। करिश्मा पांच बहनों में सबसे छोटी थी। तीन बहनों की शादी हो चुकी है। पुलिस ने बताया कि शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
ट्यूशन न जाने पर पड़ी थी डांट
पुलिस ने बताया कि पता लगा है कि ट्यूशन न जाने को लेकर मां ने करिश्मा को फटकार लगाई थी। इसको लेकर भी वह परेशान थी। शुक्रवार को तबियत बिगड़ी तो वह स्कूल जाने के बजाए रेस्टोरेंट में ही रुक गई। पुलिस को छात्रा का स्कूल बैग नहीं मिल पाया है।
पहले से था परिचय
करिश्मा के परिवार वाले कई साल तक गढ़ी डाकरा क्षेत्र में किराए के मकान में रहे हैं। इसलिए वे क्षेत्र में कई लोगों को जानते हैं। वहां पर उनकी रिश्तेदारी भी है और आना-जाना लगा रहता है। आर्मी स्कूल में पहले से दाखिला होने की वजह से करिश्मा के घरवालों ने उसका स्कूल नहीं बदला था। कुछ महीने पहले ही वे लोग बड़ोवाला में शिफ्ट हो गए थे। रेस्टोरेंट संचालक लक्ष्मण को करिश्मा पहले से जानती थी।
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