इसके बाद उन्होंने युवती को जबरदस्ती शराब पिलाई और मारपीट की। जब वह बदहवाश हो गई तो उन्होंने उसके साथ रेप किया। सोमवार मध्यरात्रि के बाद चारों आरोपी कमरा बाहर से बंद कर भाग निकले।
मंगलवार तड़के करीब चार बजे जब युवती को होश आया तो उसने दरवाजा खटखटाया। उसने देखा कि मकान का एक दरवाजा बगल की खाली दुकान में खुलता है। युवती दुकान में पहुंची और शटर खटखटाना शुरू कर दिया। वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने दुकान का शटर खोला। बाहर आने के बाद युवती ने एक व्यक्ति के मोबाइल से 100 नंबर पर फोन किया। कुछ देर बाद पुलिस पहुंची और उसे थाने ले आई।
थानाध्यक्ष मुकेश त्यागी ने युवती से पूछताछ के आधार पर बताया कि कमरे में मौजूद लोग एक दूसरे को कालू तनेजा, सुमित और बंटी के नाम से बुला रहे थे। पड़ताल करने पर पता चला कि कालू कैंट बोर्ड का कांग्रेसी सभासद जितेंद्र तनेजा है। जबकि, बंटी अजय अरोड़ा का नाम है, जिसके मकान में घटना को अंजाम दिया गया और सुमित उसका नौकर है। चौथे आरोपी का नाम युवती को याद नहीं है।
युवती की शिकायत पर जितेंद्र तनेजा, अजय अरोड़ा, सुमित व एक अज्ञात के खिलाफ गैंगरेप का मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि, भानू को आपराधिक षड्यंत्र का आरोपी बनाया गया है। इनमें से सुमित और भानू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपी फरार हैं। सुमित बंटी के घर में नौकर है। थानाध्यक्ष ने बताया कि युवती की मेडिकल जांच कराई गई, जिसमें रेप की पुष्टि हुई है। मौके से फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने जरूरी साक्ष्यों का संकलन किया है।
युवती की सहेलियां भी जांच के घेरे में
मामले में युवती की दो सहेलियां भी पुलिस की जांच के घेरे में हैं। इन दोनों की संलिप्तता जांचने के लिए पुलिस इनसे भी पूछताछ कर रही है। इनमें एक सहेली के साथ युवती दिल्ली से दून आई थी, जबकि दूसरी सहेली के घर ठहरी थी।