परिचित द्वारा अपने दोस्तों के साथ महिला के दुराचार के मामले में आखिरकार आरोपियों को सजा मिल गई।
गैंगरेप के दोषियों को अदालत ने दस साल की कैद और पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले में एक अन्य आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
मार्च 2011 की है घटना
अभियोजन पक्ष के अनुसार लोगों के मकानों में काम करने वाली एक महिला 19 मार्च 2011 की रात घर लौट रही थी।
चकराता रोड पर उसे परिचित सुरेंद्र शर्मा मिला। सुरेंद्र गांधी रोड स्थित होटल परमार में काम करता था। महिला का पति भी पूर्व में इसी होटल में काम करता था।
झांसे में आकर महिला सुरेंद्र के साथ चली गई। जहां सुरेंद्र, उसके साथी त्रिलोक, सोबन सिंह और बिहारी ने उससे दुराचार किया। सभी आरोपी नशे में धुत थे।
सुरेंद्र के मोबाइल से महिला ने 108 पर फोन किया। अदालत ने मामले में छह जून को सुरेंद्र, सोबन और त्रिलोक को दोषी ठहराया था।
नहीं किया अपनी बात का समर्थन
कृषि मंत्री के पूर्व पीआरओ युद्धवीर सिंह की हत्या में अभियोजन की ओर से प्रदीप चौहान की गवाही हुई।
जिला एवं सत्र न्यायालय में गवाही के दौरान अभियोजन के गवाह ने पूर्व में पुलिस को दिए बयान का समर्थन नहीं किया। प्रदीप मामले में मुख्य तीन गवाहों में से एक है। अगली सुनवाई चार जुलाई को होगी।