सोनिया राणा के अनुसार एक साल पूर्व उसे कनाडा पढ़ाई के वीजा की जरूरत पड़ी। कोर्स में प्रवेश लेने के लिए उसने कई एजूकेशन कंसलटेंट कंपनियों में आवेदन किया। उनके मोबाइल पर चंडीगढ़ स्थित सेक्टर -38 से एक कंपनी के कंसलटेंट से कॉल आई।
कॉल करने वाले ने बताया कि वह कनाडा के लिए वीजा लगवा देगा। सोनिया अपने परिजनों के साथ चंडीगढ़ पहुंची। वीजा और कोर्स में प्रवेश के लिए तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 7,43000 लाख रुपये कंपनी को दिए। कंपनी एक महीने के तय समय के बाद भी उन्हें वीजा नहीं दिला पाई। इसके बाद सोनिया ने कंपनी में फोन कर राशि वापस मांगी, तो कंपनी प्रतिनिधि ने 45 दिन का और समय मांगा। इस दौरान कंपनी ने 5,11005 लाख रुपये वापस कर दिए, लेकिन 2,43,945 लाख रुपये नहीं लौटाए।
सोनिया का आरोप है कि शेष राशि मांगने पर अब कंपनी के अधिकारी अभद्रता करने के साथ जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। सोनिया के अनुसार उन्होंने इस मामले में कार्रवाई को लेकर एसपी देहात मणिकांत मिश्रा से शिकायत की थी। उन्होंने कोतवाली पुलिस को मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कोतवाली में उनकी सुनवाई नहीं हो रही। उधर, एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि मामला संज्ञान में है। पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे।