फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले छेड़खानी की फिर स्कूल में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

Tue, 12 Aug 2014 11:40 PM IST
अमर उजाला, लक्सर
विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में स्थित एक इंटर कॉलेज में मनचले छात्रों ने स्कूल की छात्रा के साथ छेड़खानी कर दी। विरोध करने पर छात्रा और उसके तीन भाईयों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
विज्ञापन


इस दौरान दर्जनों शिक्षक और सैकड़ों छात्र खड़े रहे, लेकिन कोई आगे नहीं आया। घटना के विरोध में पीड़ितों के परिजनों और ग्रामीणों ने कालेज में हंगामा किया। छात्रा के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पांच आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

केवी इंटर कॉलेज में मंगलवार सुबह साढ़े छह बजे एक छात्रा के साथ छेड़खानी कर दी। विरोध पर छात्रा के साथ मारपीट की। इसके बाद छात्रा ने फोन कर अपने तीन भाइयों को कॉलेज में बुला लिया।
विज्ञापन


जब छात्रा के भाईयों ने विरोध किया तो आरोपियों ने भाईयों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। आरोपियों के समर्थन में कई और छात्र भी आ गए। बमुश्किल कुछ और छात्रों के विरोध करने पर मामला शांत हुआ।

पुलिस के आने से पहले आरोपी फरार

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी मौके से फरार हो गए। थोड़ी देर में पीड़िता के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कॉलेज में पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया।

पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर उन्हें शांत किया। पीड़ितों के परिजनों ने कोतवाली लक्सर में पांच छात्रों के खिलाफ तहरीर दी है। अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।

शिक्षकों के खिलाफ रोष
पीड़ितों के परिजनों में कॉलेज के शिक्षकों के खिलाफ इस बात को लेकर रोष है कि करीब 25 मिनट तक चली मारपीट के दौरान कई शिक्षक मूक दर्शक बनकर पीड़ितों को पिटते देखते रहे, लेकिन उन्होंने उनकी मदद नहीं की।

प्रधानाचार्य की अनुपस्थिति में कॉलेज का कार्यभार देख रहे योगराज सिंह का कहना है कि उन्होंने झगड़ा कर रहे छात्रों को कॉलेज से बाहर करने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
विज्ञापन

मनचलों से सुरक्षित नहीं छात्राएं

कस्बे के कॉलेजों के आसपास का माहौल छात्राओं के लिए लगातार असुरक्षित होता जा रहा है। हर रोज यहां छात्राओं को मनचलों की फब्तियां और छींटाकशी झेलने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

शिकायत पर कार्रवाई न होने के कारण कई बार तो छात्राओं के परिजनों को ही मनचलों को पकड़कर पुलिस को सौंपना पड़ा। छात्राओं के साथ मारपीट की भी कई घटनाएं हो चुकी हैं।

एक सप्ताह में छेड़खानी की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले तीन छात्राओं को टक्कर मारकर सड़क पर गिरा देने के मामले में छात्राओं के परिजनों ने तीन लड़कों की जमकर धुनाई की थी और उन्हें पुलिस को सौंप दिया था।

चार दिन पहले भी पास के एक गांव में छात्रा के साथ छेड़खानी करने के बाद गांव में तनाव हो गया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें