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नए साल के जश्न में DJ बजाने के लिए खूनी 'जंग'

Fri, 02 Jan 2015 02:11 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, खटीमा-पिथौरागढ़
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इंडो नेपाल सीमा से लगे उत्तराखंड में खटीमा के मेलाघाट बाजार में अपने घायल साथी को अस्पताल ले जा रहे एसएसबी के जवानों और थर्टी फर्स्ट का जश्न मना रहे ग्रामीणों के बीच डीजे बजाने को लेकर विवाद के बाद बवाल मच गया।
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विवाद के दौरान एसएसबी के जवानों ने 20 राउंड फायरिंग कर दी और बाजार में खड़ी कार और बाइक क्षतिग्रस्त कर दीं। आरोप है कि जवानों ने ग्रामीणों के साथ मारपीट, गाली-गलौज भी की। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने गुरुवार को बाजार बंद कर एसएसबी का पुतला फूंका।

मौके पर पहुंचे पुलिस एवं स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों का घेराव कर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने जवानों द्वारा चलाई गई गोलियों में से तीन खोखे थाना पुलिस को सौंपे। उधर, एसएसबी के जवान भी ग्रामीणों पर मारपीट व पथराव करने का आरोप लगा रहे हैं।
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पूरे दिन की मशक्कत के बाद उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आश्वासन पर मेलाघाट बाजार खुला।

जानकारी के अनुसार किसी विवाद में एसएसबी जवान शिव कुमार घायल हो गया था। जिसे अन्य जवान मेलाघाट बाजार में उपचार के लिए लाए। डाक्टर के नहीं मिलने पर वह वापस लौट रहे थे।

रास्ते में बाजार में डीजे पर कुछ युवा थर्टी फर्स्ट का जश्न मना रहे थे। डीजे बंद करने को लेकर जवानों का उनसे विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया।

ग्रामीणों ने किया पुलिस जवानों पर पथराव

जवानों के अनुसार ग्रामीणों ने उन पर पथराव भी किया। आरोप है कि वापस गए जवान अन्य हथियारबंद जवानों को साथ लेकर मेलाघाट बाजार में आ धमके और उन्होंने एक छोर से दूसरे छोर तक 20 राउंड फायरिंग कर दी।

इससे ग्रामीण घरों में दुबक गए और उनमें दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि रात में एसएसबी के जवानों ने अधिवक्ता मोहम्मद साबिर की खड़ी कार संख्या यूके 06आर 1166 के शीशे तोड़ दिए और कुतिया कबर निवासी भागीरथ की बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया।

इससे गुस्साए ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह से बाजार बंद कर एसएसबी की कंपनी को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और एसएसबी का पुतला फूंका। घटना की सूचना पर एसडीएम चंद्र सिंह इमलाल, सीओ जेआर जोशी, कोतवाल अजय ध्यानी, थाना प्रभारी दिनेश फर्त्याल एसएसबी चौकी पहुंचे।

घंटे भर बाद पहुंचे कंपनी कमांडर गौतम सागर को जवानों एवं ग्रामीणों के विवाद से अवगत कराया गया। इस दौरान विधायक पुष्कर सिंह धामी, हरीश बोरा, वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन बोरा भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान जिला युवा कल्याण परिषद उपाध्यक्ष हरीश बोरा के नेतृत्व में मेलाघाट के व्यापारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर एसएसबी के जवानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

एसएसबी के कंपनी कमांडर सागर एवं एसएसबी डा. सुहेल खान, सीओ जेपी आर्य सहित जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई।

एसएसबी के जवानों का आरोप था लोगों ने उनके साथ मारपीट की और वह जान बचाकर एसएसबी चौकी पहुंचे तो ग्रामीणों ने चौकी पर पथराव कर दिया। तब उन्हें गोलियां चलानी पड़ी। जबकि ग्रामीण इस आरोप का खंडन कर रहे थे। बाद में जांच के बाद कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।

गंगोलीहाट में दो गुटों मारपीट, पत्थरबाजी

पिथौरागढ़ गंगोलीहाट में बुधवार की रात क्षेत्र के हनेरा और पतारबाड़ा गांवों के गुटों में हुई पत्थरबाजी में गंगोलीहाट के थानाध्यक्ष, दो पुलिस कर्मियों समेत पांच लोग घायल हो गए। मामले में तीन महिलाओं समेत 11 हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

पतारबाड़ा के लोगों का कहना है कि बुधवार को गांव की कुछ महिलाएं रोल नामक स्थान पर लकड़ी लेने गईं थीं। हनेरा के लोगों के उनसे बदसलूकी की, इस बात को लेकर झगड़ा हुआ।

घटना के बाद गुरुवार को एसपी रोशन लाल शर्मा ने गंगोलीहाट पहुंचकर हालात का जायजा लिया। घटना की सूचना पर जिलेभर से बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स भी गंगोहीहाट पहुंची गई थी।

हनेरा निवासी तारा सिंह ने थाने में दर्ज रिपोर्ट में कहा कि वह गांव के ही नरेंद्र सिंह, नंदन सिंह, विकास, दान सिंह और सुरेश सिंह के साथ वाहन से जरमालगांव से लौट रहा था। रात करीब आठ बजे गंगोलीहाट गेस्ट हाउस के पास 20-25 लोग हुड़दंग कर रहे थे।

हुड़दंगियों में पतारबाड़ा निवासी रामू ने वाहन रोकने का इशारा किया। वाहन रोका तो पतारबाड़ा के राजू राम, रामू, हंसी देवी समेत करीब 12-13 अन्य लोगों ने उन्हें वाहन से बाहर खींच लिया और गालियां बकते हुए पीटने लगे और फिर पत्थरबाजी शुरू कर दी। उनकी सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस पर भी इन लोगों ने पत्थर फेंके।
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लोगों ने पत्थरों से हमला कर दिया

पत्थर लगने से उसके साथी नरेंद्र सिंह और दान सिंह घायल हो गए। थाना प्रभारी केएस नेगी ने बताया कि घटना के समय वह फोर्स के साथ बाजार में गश्त में थे। उनके पास अज्ञात नंबर से मारपीट को लेकर फोन आया। जब वह मय फोर्स मौके पर पहुंचे तो वहां मारपीट हो रही थी।

उन्होंने फटकार कर झगड़ रहे लोगों को भगाने का प्रयास किया तो कुछ लोगों ने ऊपर से उन पर पत्थरों से हमला कर दिया। पत्थर लगने से वह स्वयं, कांस्टेबल चनी राम और आनंद सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का रात में ही गंगोलीहाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार किया गया।

थानाध्यक्ष ने बताया कि हनेरा निवासी तारा सिंह के साथ ही पुलिस की ओर से भी रामू, संजू, पवन, अरुण, राजू राम, हंसी देवी, गीता देवी, निर्मला देवी, रोहित कुमार, राजू और पप्पू के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 353, 504, 332, 324, 506, 147, 148, 149 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

गुरुवार को एसपी शर्मा ने गंगोलीहाट पहुंचकर घटना स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने थानाध्यक्ष को आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। इधर, गांव के लोगों का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो, कोई भी निर्दोष नहीं फंसना चाहिए।

घटना को देखते हुए बेड़ीनाग के थानाध्यक्ष विजेंद्र साह, थल के थानाध्यक्ष बलवंत सिंह, धारचूला के थानाध्यक्ष जीएल कोहली, एसओजी प्रभारी शिशुपाल राणा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल गंगोलीहाट पहुंचा था।

समाचार लिखे जाने तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। थानाध्यक्ष ने कहा कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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