उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में एक वहशी इंसान ने बाप-बेटी के रिश्ते हो तार-तार कर दिया।
पिथौरागढ़ में एक पिता ने अपनी पांच वर्षीय बेटी के साथ अमानवीय यौन दुर्व्यवहार किया। इससे मासूम की हालत बिगड़ गई।
मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद क्रूर पिता के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
मासूम को इलाज के लिए अस्पताल भेजा
पुलिस क्षेत्राधिकारी हरीश चंद्र सती ने बताया कि आरोपी मनोज राम के खिलाफ धारा 375 ग, 376 और 3/4 पाक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पीड़ित बालिका को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि आरोपी को पागलपन के दौरे पड़ते रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी पहले भी इस तरह की हरकत करता आया है।
फर्जी आईडी बनाकर मामा ने नाबालिग को बेचा
हल्द्वानी में बलात्कार कर भांजी को बेचने के मामले में आरोपी परिवार ही नहीं, फर्जी वोटर आईडी बनाने वाले भी कानून के दायरे में आएंगे।
पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट बताती है कि उसकी उम्र लगभग 18 वर्ष है। यही नहीं स्कूल के ट्रांसफर प्रमाणपत्र के मुताबिक उसकी उम्र अभी करीब 19 साल ही है।
जबकि हापुड़ के पीरनगर गांव के पते पर बनी पीड़िता की वोटर आईडी में उम्र करीब 15 साल अधिक दर्शायी गई है।
दोषी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
अब सवाल यह उठता है कि 15 साल की लड़की का फोटो पहचान पत्र कैसे बना और उसे 2011 में बने वोटर आईडी में तीस साल कैसे दिखाया गया जबकि पहचान पत्र पर फोटो भी लगता है।
इस संबंध में हापुड़ के जिलाधिकारी आरकेसिंह का कहना है कि वास्तव में यह गंभीर मामला है इसकी किसी वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराई जाएगी। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इधर, नैनीताल की एसएसपी विम्मी सचदेवा का कहना है कि पुलिस अभी हापुड़ और पीड़िता के गांव पहुंचकर पुलिस ने महत्वपूर्ण जानकारियां इकट्ठा की है।
जल्द होगी आरोपियों की गिरफ्तारी
ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के बाद शीघ्र ही आरोपियों की गिरफ्तारी करेगी। इस मामले में गुमशुदगी की फाइनल रिपोर्ट लगाने वाले विवेचक के खिलाफ बैड इंड्री लगाई जाएगी।
वैसे देखने में भी पीड़िता की उम्र 18 से 19 प्रतीत हो रही थी। सीओ लालकुआं बच्चन सिंह राणा का कहना है कि बलात्कार और बेचने का मामला प्रकाश में आने के बाद भवाली पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल मुआयना कराया था।
लगभग 12 साल की उम्र में उसका मामा ने अपहरण किया था। पीरनगर के अशोक ने भी नाबालिग रहते हुए उससे शादी की थी।
संभावना है कि जांच होने पर आईडी बनवाने वाले और फर्जी शपथपत्र देने वाले भी कानून के दायरे में आएंगे।