बहुचर्चित रणवीर एनकाउंटर मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने तीन पुलिस कर्मियों की जमानत याचिका मंजूर कर ली। दून में छह साल पहले हुए इस मामले में कोर्ट ने 17 पुलिस कर्मियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
प्रकरण के दोषी वर्ष 2011 से दून जेल में सजा काट रहे हैं। इसमें इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर और कुछ पुलिस कांस्टेबल शामिल हैं। दून में तीन जुलाई वर्ष 2009 में एमबीए के छात्र रणवीर के साथ फर्जी मुठभेड़ हुई थी।
पुलिस ने छात्र की हत्या के बाद घटना को मुठभेड का रुप देने की कोशिश की थी। जिसे रायपुर के जंगल में ले जाकर नजदीक से 29 गोलियां मारी गई। दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत ने मामले में 17 पुलिस कर्मियों को फर्जी मुठभेड़ का दोषी एवं एक को सबूत मिटाने का दोषी पाया था।
सूत्रों के मुताबिक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने मोहन राणा, इंद्रभान व मनोज मलिक की जमानत याचिका मंजूर कर ली। ये पुलिस कर्मी काट रहे सजा मामले में दो इंस्पेक्टर, चार सब इंस्पेक्टर और 12 कास्टेबल दून जेल में बंद हैं। जो सजा सुनाए जाने के बाद से सजा काट रहे हैं।