लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी में छह माह तक फर्जी आईएएस बनकर रहने की आरोपी रूबी चौधरी को देहरादून पुलिस ने चार दिन की रिमांड पर लिया है।
रूबी के धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने होने वाले बयान इस मामले में अहम साबित होंगे। यदि उसने अकादमी के किसी अधिकारी का नाम लिया तो उसका कानूनी प्रक्रिया में फंसना तय है। शनिवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेशी में रूबी ने अपनी गलती मान ली थी।
देखना यह है कि रूबी अब क्या बयान देती है। अकादमी के अफसरों को घेरे में लेती है या अपनी गलती मानकर इसकी सजा भुगतने को तैयार रहती है।
कानून के जानकारों के मुताबिक यदि वह अपराध कबूल करती है तो अदालती फैसले के दौरान यह उसी के खिलाफ जाएगा। मजिस्ट्रेट के सामने रूबी का बयान सोमवार को दर्ज हो सकता है। उसके बयान पर हर किसी की नजर टिकी है। हालांकि यह बयान गोपनीय होते हैं।
रूबी भले पुलिस और मीडिया के सामने कुछ भी कहती रही हो, लेकिन मजिस्ट्रेट के सामने होने वाले बयान इस मामले को नया मोड़ दे सकते हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी के मुताबिक 164 के बयान में वह जिस पर आरोप लगाएगी वह जांच के दायरे में आ जाएगा।